सस्ती हवाई सेवा उपलब्ध कराने वाली घरेलू विमानन कंपनी स्पाइसजेट ने शुक्रवार को बताया कि कंपनी ने तीन बोइंग 737 मालवाहक एयरक्राफ्ट को उड़ान भरने से रोक दिया है।
इसलिए उठाया कदम
इस संदर्भ में कंपनी ने बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) को बताया कि उसने इजराइली एरोस्पेस इंडस्ट्रीज की सलाह पर अमल करते हुए यह कदम उठाया है। इजराइली एरोस्पेस इंडस्ट्रीज ने ही इन विमानों को मालवाहक विमानों में तब्दील किया है।
विमानों में संभावित खामी
आगे स्पाइसजेट ने कहा कि इजराइली एरोस्पेस इंडस्ट्रीज की आंतरिक जांच में इन विमानों में लगाए गए 9जी रिजिड बैरियर के विनिर्माण की प्रक्रिया में संभावित खामी का पता चला है। नियामकीय मंजूरियों के बाद ये विमान सेवा में लौट जाएंगे।
स्पाइसजेट के सीएमडी ने दिया था बयान
पिछले माह स्पाइसजेट के सीएमडी अजय सिंह ने कहा था कि भारत में एयरलाइन कंपनियों को ज्यादा मुनाफा नहीं हो रहा है। एयरलाइन कंपनियों का कर्ज और ऑपरेशन कॉस्ट दोनों ही ज्यादा है। सिंह ने कहा था कि इसके लिए इंडिगो जिम्मेदार है क्योंकि उसने लागत से भी कम में टिकट बेची है।
आगे अजय सिंह ने कहा था कि एयरलाइन के पास कीमत तय करने की शक्ति नहीं होती। हवाई टिकट विमान में सफर कर रहे लोगों की संख्या पर निर्भर करता है।
वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में कंपनी को हुआ घाटा
स्पाइसजेट को चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 463 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। कंपनी ने बुधवार को बताया कि बोइंग 737 मैक्स विमानों के खड़े होने, खर्च में इजाफे और अकाउंटिंग नियमों में बदलाव का सबसे ज्यादा असर हुआ है। एक साल पहले समान तिमाही में कंपनी को 389.4 करोड़ का घाटा हुआ था।
संचालन राजस्व में भी हुई बढ़ोतरी
कंपनी ने बताया कि संचालन राजस्व बढ़कर इस दौरान 2,845.3 करोड़ पहुंच गया, जो एक साल पहले 1,874.8 करोड़ था। सितंबर तिमाही में घरेलू विमानन उद्योग में नरमी छाई रहने का भी कंपनी की कमाई पर असर हुआ है। अकाउंटिंग नियमों में बदलाव होने से कंपनी के खर्च में भी इजाफा हुआ है।