पॉपुलर म्यूजिक वेबसाइट songs.pk देश में एक बार फिर से शुरू हो गई है। भारत में पांच साल पहले हाईकोर्ट के आदेश के बाद बंद हुई इस वेबसाइट के दोबारा से शुरू होने की वजह से भारत की संगीत इंडस्ट्री ने केंद्र सरकार के समक्ष अपनी चिंता से अवगत करा दिया है।
इंडस्ट्री को यह है चिंता
म्यूजिक कंपनियों को इस बात की चिंता है कि इस वेबसाइट के फिर से शुरू हो जाने से म्यूजिक इंडस्ट्री को पाइरेसी का खतरा बढ़ गया है। म्यूजिक कंपनियों ने इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ फोनोग्राफिक इंडस्ट्री (आईएफपीआई) के साथ मिलकर सरकार से फिर से इस वेबसाइट को बैन करने की मांग की है। हालांकि इस वेबसाइट का सर्वर भारत में नहीं है।
सरकार नहीं कर सकती है बाहर से चलने वाली वेबसाइट को ब्लॉक
केंद्र सरकार के सीनियर अधिकारी का कहना है कि सरकार उन वेबसाइट्स को ही ब्लॉक कर सकती है, जो भारत में रजिस्टर्ड है। अगर सुरक्षा संबंधित कारण हैं तो फिर सरकार एक्शन ले सकती है, लेकिन अभी केवल इंडस्ट्री के लोग ही अपनी तरफ से निवारण ढूंढे।
पाकिस्तान में हो सकता है सर्वर
आईएफपीआई की जांच के अनुसार, songs.pk वेबसाइट का सर्वर पाकिस्तान में हो सकता है। अगर ऐसा है तो फिर वहां की सरकार से अपील की जाएगी, लेकिन अभी यह नहीं पता चल रहा है कि इस वेबसाइट का सर्वर कहां पर है।
कलकत्ता हाईकोर्ट ने दिया था ब्लॉक करने का आदेश
2012 में कलकत्ता हाईकोर्ट ने इस साइट को ब्लॉक करने का आदेश दिया था। अब फिर से साइट के दिखने को डिपार्टमेंट ऑफ इंडस्ट्रियल पॉलिसी एंड प्रमोशन ने गंभीरता से लिया है। डीआईपीपी ने सभी सर्च इंजन और इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर से वेबसाइट का एक्सेस बंद करने के लिए कहा है।