इससे नवोन्मेषकों को बढ़ावा मिल रहा है और समाज और अर्थव्यवस्था आगे बढ़ रही है। आगे उन्होंने कहा कि इन नवोन्मेषकों में कुछ स्कूली बच्चे भी हैं। नडेला ने युवा नवप्रवर्तक सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह बात कही। नडेला ने बताया कि कैसे दूसरे के लिए भावना इनमें से कुछ समाधान के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
तीन स्कूलों के बच्चों का किया जिक्र
इतना ही नहीं, नडेला ने इस कार्यक्रम में देश के तीन स्कूलों के बच्चों के साथ अपनी मुलाकात का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ये बच्चे समाज की विभिन्न चुनौतियों के हल के लिए समाधान विकसित कर रहे हैं। इनमें से एक समूह स्पीच थैरेपी समाधान विकसित कर रहा है, एक अन्य प्रदूषण के स्तर को मापने के समाधान पर काम कर रहा है। वहीं तीसरा समूह कृत्रिम मेधा (एआई) आधारित चैटबॉट का विकास कर रहा है जिससे बच्चों को स्कूल के पाठ्यक्रम में मदद मिलेगी।
तीन दिन की भारत यात्रा पर हैं नडेला
नडेला ने कहा कि इन स्कूली बच्चों के समूह में गहरा जज्बा है और अब उसे वे कार्रवाई में बदल रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘नवोन्मेषण यही है। इसी से समाज और अर्थव्यवस्था आगे आगे बढ़ेगी।’’ बता दें कि नडेला तीन दिन की भारत यात्रा पर आए हैं। इससे पहले इसी सप्ताह वह मुंबई और बंगलूरू गए थे।
समावेशी प्रौद्योगिकी क्षमता विकसित करें भारतीय सीईओ
इससे पहले ‘फ्यूचर डिकोडेड सीईओ सम्मेलन’ को संबोधित करते हुए नडेला ने कहा था कि भारतीय उद्योग जगत के दिग्गजों को ऐसी प्रौद्योगिकी क्षमता का निर्माण करना चाहिए, जो ज्यादा समावेशी हो। उन्होंने कहा कि पिछले दशक के दौरान ‘एग्रीगेटर’ उभरे हैं, लेकिन यह काफी नहीं है। नडेला ने कहा कि हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि डिजिटल बदलाव उत्पादकता बढ़ाने वाला हो। भारत में 72 फीसदी सॉफ्टवेयर इंजीनियरों की नौकरियां प्रौद्योगिकी उद्योग से बाहर हैं। तीन दिन की भारत यात्रा पर आए नडेला ने टीसीएस के सीईओ एवं एमडी राजेश गोपीनाथन से भी मुलाकात की।
सचिन और विराट में से किसी एक को चुनना धर्मसंकट जैसा
बता दें कि नडेला क्रिकेट को काफी पसंद करते हैं। उन्होंने इंडिया प्रेसिडेंट अनंत माहेश्वरी से इस मुद्दे पर बात की और कहा कि सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली में से एक का चयन करना धर्मसंकट की तरह है। मैं कहूंगा कि कल सचिन मेरे पसंदीदा थे और आज विराट। उन्होंने अपनी किताब ‘हिट रिफ्रेश’ में भी जिक्र किया है कि क्रिकेट से उनके व्यक्तिगत और पेशेवर जीवन पर क्या असर पड़ा। नडेला ने कहा, ‘‘यह निर्भर नहीं करता कि मैं कहां हूं। यह सुंदर खेल हमेशा मेरे जेहन में रहता है। इसकी खुशी, यादें, ड्रामा, जटिलताएं और उतार चढ़ाव में अपार संभावनाएं हैं।’’
नडेला ने कुंबले से पहली मुलाकात का जिक्र किया
वहीं अनिल कुंबले के साथ अपनी पहली मुलाकात का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कुंबले मुझे एक गेंद डालने और उस पर मुझे छक्का लगाने का मौका देने के लिए राजी हो गए। यह मैंने अपने जीवन में पहली बार किया। नडेला ने बताया कि कुंबले स्पेक्टाकॉम टेक्नोलॉजीज नाम का एक स्टार्टअप भी चलाते हैं। इसमें सेंसर लगे बैट से बॉल के स्विंग और पावर आदि का रियल टाइम डाटा जुटाया जाता है। बाद में इसका आकलन किया जाता है, जिससे खिलाड़ियों और कोच को अपने प्रदर्शन सुधारने में मदद मिलती है।
इतिहास है पसंदीदा विषय
उन्होंने बताया कि उन्हें इतिहास विषय पसंद था। मैं हमेशा सोचता हूं कि कविता कोडिंग की तरह है। यह भावों को सही ढंग से व्यक्त करती हैं। इसलिए, मुझे लगता है कि कोडिंग आपको लिबरल आर्ट के साथ ही साइंस में भी मदद कर सकता है। उन्होंने कहा कि काश मैं खुद के द्वारा खरीदी सभी किताबें पढ़ पाता।
रविशंकर प्रसाद से भी मुलाकात की
नडेला ने आज संचार, इलेक्ट्रानिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद से भी मुलाकात की।