फ्लिपकार्ट के सह संस्थापक सचिन बंसल ने उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक के स्वतंत्र निदेशक पद से 27 जनवरी 2020 को इस्तीफा दे दिया है। बंसल बैंक की अलग-अलग कमेटियों से भी बाहर हो गए हैं। इसकी जानकारी उज्जीवन ने मंगलवार को दी। मामले में बंसल ने कहा कि उन्होंने व्यापारिक नैतिकता और कॉरपोरेट गवर्नेंस के हितों को ध्यान में रखकर इस्तीफा दिया। उनकी कंपनी चैतन्य इंडिया फाइनेंस क्रेडिट ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से यूनिवर्सल बैंकिंग लाइसेंस के लिए आवेदन किया है। उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त उनके इस्तीफे देने की कोई और वजह नहीं है।
फाइनेंसल सर्विस सेक्टर पर ध्यान दे रहे हैं बंसल
सचिन बंसल अपनी कंपनी नवी टेक्नोलॉजीज के माध्यम से फाइनेंसल सर्विस सेक्टर पर ध्यान दे रहे हैं। नवी टेक्नोलॉजीज की माइक्रो फाइनेंस कंपनी चैतन्य इंडिया फाइनेंस क्रेडिट प्राइवेट लिमिटेड (CIFCPL) ने यूनिवर्सल बैंक लाइसेंस के लिए आरबीआई में आवेदन किया है। मई 2018 में फ्लिपकार्ट से निकलने के बाद बंसल ने नवी टेक्नोलॉजीज की स्थापना की थी।
बढ़त पर कारोबार कर रहा उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक का शेयर
मंगलवार को उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक का शेयर हरे निशान पर कारोबार कर रहा था। सुबह 10:35 बजे 0.05 अंक यानी 0.92 फीसदी की बढ़त के बाद यह 54.65 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। जबकि पिछले कारोबारी दिन यह 54.60 के स्तर पर बंद हुआ था।
साल 2007 में की थी फ्लिपकार्ट की स्थापना
बता दें कि सचिन बंसल एक इंटरनेट उद्यमी और भारत के बड़े ई-कॉमर्स औद्योगिक संस्था फ्लिपकार्ट के सह संस्थापक हैं। साल 2007 में अपने मित्र बिन्नी बंसल के साथ उन्होंने फ्लिपकार्ट की स्थापना की थी। हालांकि वर्तमान में फ्लिपकार्ट के सह-संस्थापक कल्याण कृष्णमूर्ति और बिन्नी बंसल हैं।
2019 में CRIDS में खरीदी थी बहुलांश हिस्सेदारी
फ्लिपकार्ट ने बहुत कम समय में देश में अपनी पहचान बनाई। साल 2019 में सचिन बंसल ने चैतन्य रूरल इंटरमीडिएशन डेवलपमेंट सर्विसेज ( CRIDS ) में बहुलांश हिस्सेदारी खरीदी थी। बंसल ने इस गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी में 739 करोड़ रुपये का निवेश किए हैं। फ्लिपकार्ट के पूर्व सीईओ और सह-संस्थापक माइक्रो-फाइनेंस कंपनी सीआरआईडीएस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं। सीआरआईडीएस की शुरुआत साल 2009 में हुई थी। यह कंपनी दोपहिया वाहनों, हाउसिंग, छोटे कारोबारों और शिक्षा के लिए लोन प्रदान करती है।