निजी क्षेत्र के दूसरे नंबर के बैंक--आईसीआईसीआई बैंक को दिसंबर में समाप्त हुई तिमाही में 4146 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ है। चालू वित्त वर्ष की तिमाही में पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले लाभ में 158 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। कंपनी को पिछले वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में 1604.91 करोड़ रुपये का लाभ हुआ था।
इस वजह से इतना हुआ है लाभ
बैंक की प्रोविजनिंग में 51 फीसदी की कमी को देखने को मिली है। पिछली तिमाही में बैंक ने 2083 करोड़ रुपये की प्रोविजनिंग की थी। पिछले साल की तीसरी तिमाही में प्रोविजनिंग 4244 करोड़ रुपये थी।
बैंक का ग्रॉस एनपीए 6.37 फीसदी से घटकर 5.95 फीसदी और सकल नेट एनपीए 1.60 फीसदी से घटकर 1.49 फीसदी रहा है। रुपये में नेट एनपीए 10,916 करोड़ रुपये से घटकर 10,388.50 करोड़ रुपये रहा है। वहीं ग्रॉस एनपीए 45,638.8 करोड़ रुपये से घटकर 43,453.9 करोड़ रुपये रह गया।
बैंक की ब्याज से होने वाली सकल आय नेट 24 फीसदी बढ़कर 8,545 करोड़ रुपये रही है। 2018 की दिसंबर तिमाही में यह आय 6,875 करोड़ रुपये रही थी। सकल ब्याज मार्जिन 3.77 फीसदी रहा है। फीस से होने वाली आय में 17 फीसदी का इजाफा हुआ है। चालू और बचत खाते के औसत जमा में 15 फीसदी की ग्रोथ दर्ज की गई है। सावधि जमा में सालाना आधार पर 24 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। कुल लोन ग्रोथ 16 फीसदी रही। रिटेल लोन में 19 फीसदी का इजाफा हुआ है।