कोलकाता पुलिस के खुफिया विभाग की एक टीम ने शनिवार को जाने-माने उद्योगपति और रुइया ग्रुप के चेयरमैन पवन रुइया को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी दिल्ली स्थित उनके आवास से हुई। गिरफ्तारी के बाद ट्रांजिट रिमांड पर उनको कोलकाता लाया गया है।
पुलिस सूत्रों ने यहां इसकी जानकारी दी। खुफिया विभाग के भरत लाल मीणा ने बताया कि रुइया को लगभग 50 करोड़ की जालसाजी के आरोप में रेलवे की शिकायत के आधार पर गिरफ्तार किया गया है। जेसप और डनलप जैसी कंपनियों के मालिक रुइया के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराओं 420, 306 और 409 के तहत आरोप दायर किया गया है। जेसप की दमदम स्थित फैक्टरी से रेलवे का लगभग 50 करोड़ का सामान चोरी हो गया था।
यह सामान रेलवे कोच की निर्माण के लिए जेसप को दिया गया था। लेकिन जेसप ने आर्डर के मुताबिक कोचों की सप्लाई नहीं की। उसके बाद रेलवे और पुलिस की एक साझा टीम ने बीते चार नवंबर को फैक्टरी पर छापा मारा था। तब खुलासा हुआ कि लगभग 50 करोड़ कीमत के उपकरण गायब हैं।
चोरी और आगजनी की घटनाओं के चलते जेसप कंपनी अक्टूबर से ही विवादों में है। वाममोर्चा सरकार के दौरान वर्ष 2003 में जेसप और 2005 में डनलप के अधिग्रहण के बाद रुइया काफी ताकतवर बनकर उभरे थे। लेकिन ममता बनर्जी सरकार के सत्ता में आने के बाद ही उनके समीकरण गड़बड़ाने लगे थे। वर्ष 2005 में उन्होंने जेसप की फैक्टरी में उत्पादन बंद कर दिया था।