विक्रम कोठारी की पत्नी साधना कोठारी के नाम कानपुर के गुटैया स्थित इंद्रधनुष अपार्टमेंट की नौंवी मंजिल में बना एक फ्लैट (नंबर-902) मंगलवार को करीब 80 लाख रुपये में नीलाम हो चुका है।इसी तरह विक्रम कोठारी के पुत्र राहुल कोठारी के नाम बैकुंठपुर गांव में कई हेक्टेयर में फैला फार्म हाउस, खाली जमीन आदि थी। ये सब करीब 13.50 करोड़ रुपये में नीलाम हो गई। फार्म हाउस को शहर की रिद्धि श्री फर्म ने खरीदा है।
150 करोड़ का लोन 7 साल में 1400 करोड़ के पार
विक्रम कोठारी की रोटोमैक ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का एक लोन एकाउंट कानपुर के माल रोड स्थित इंडियन ओवरसीज बैंक में भी है। वर्ष 2010 में यह लोन एकाउंट महज 150 करोड़ का था। चार साल बाद यह 1400 करोड़ तक पहुंच गया। समय पर लोन की किस्तें अदा न हो पाने पर जून 2016 में यह एकाउंट एनपीए घोषित कर दिया गया था।
बैंकों को नहीं मिला नीलामी से भी फायदा
बैंक ने कई नोटिस भेजे, लेकिन निर्धारित समय पर निर्धारित रकम जमा न होने पर बैंक ने लोन की सिक्योरिटी के लिए बंधक डिपॉजिट जब्त कर लिए। सभी डिपॉजिट करीब 650 करोड़ के ही निकले। बैंक अब अपने 750 करोड़ रुपये की वसूली के लिए परेशान है।
बैंक ने इनके बकाये लोन पर अब ब्याज लगाना बंद कर दिया है।बैंकिंग सेक्टर से जुड़े सूत्र बताते हैं कि इंडियन ओवरसीज बैंक का सेंट्रल ऑफिस जल्द ही बकाया कर्ज की वसूली के लिए डेब्ट रिकवरी ट्रिब्यूनल में केस करेगा।
2017 तक ये था कुल कर्ज बैंक कर्जा
इंडियन ओवरसीज बैंक- 1400 करोड़
बैंक ऑफ इंडिया- 1395 करोड़
बैंक ऑफ बड़ौदा- 600 करोड़
इलाहाबाद बैंक- 352 करोड़