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फॉर्च्यून इंडिया 500 : इंडियन ऑयल को पछाड़ रिलायंस बनी देश की सबसे बड़ी कंपनी

Mon, 16 Dec 2019 05:24 PM IST
paliwal पालीवाल बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
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मुकेश अंबानी - फोटो : अमर उजाला
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रिटेल और टेलीकॉम की मदद से मुकेश अंबानी के स्वामित्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरईएल) फॉर्च्यून इंडिया 500 लिस्ट में सबसे बड़ी कंपनी बन गई है। इससे पहले लगातार 10 साल तक सरकरी तेल कंपनी इंडियन ऑयल लिमिटेड पहले स्थान पर काबिज रही थी। वित्त वर्ष 2018-19 में रिलायंस को 5.81 लाख करोड़ रुपये की आय हुई थी। 

टॉप 11 में शामिल रही ये कंपनियां

फॉर्च्यून द्वारा जारी लिस्ट के अनुसार, तीसरे स्थान पर ओएनजीसी, चौथे पर भारतीय स्टेट बैंक, पांचवे पर टाटा मोटर्स और छठे स्थान पर भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड रहीं। वहीं सातवें स्थान पर राजेश एक्सपोर्ट, आठवें पर टाटा स्टील, नौवें पर कोल इंडिया, दसवें पर टीसीएस और 11वें पर लार्सन एंड टुर्बो रहे। 

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वहीं आईसीआईसीआई बैंक 12वें स्थान पर, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज 13वें पर और एचडीएफसी बैंक 14वें स्थान पर रहे। वेदांता लिमिटेड इस साल तीन स्थान खिसककर 18वें स्थान पर पहुंच गया। 
 
कंपनी 2018 में रैंक 2019 में रैंक
रिलायंस इंडस्ट्रीज 2 1
आईओसी 1 2
ओएनजीसी 3 3
एसबीआई 4 4
टाटा मोटर्स 5 5
बीपीसीएल 6 6
राजेश एक्सपोर्ट्स 8 7
टाटा स्टील 9 8
कोल इंडिया 10 9
टीसीएस 11 10

रिलायंस की आय में 41 फीसदी इजाफा

फॉर्च्यून ने कहा कि रिलायंस की आय में 41 फीसदी का इजाफा हुआ है जो इंडियन ऑयल की आय से करीब 8.4 फीसदी ज्यादा है। इंडियन ऑयल की आय 26.6 फीसदी बढ़कर के 5.36 लाख करोड़ रुपये रही थी। रिलायंस का मुनाफा भी इंडियन ऑयल से दोगुना करीब 39588 करोड़ रुपये रहा था। इस लिस्ट में शामिल सभी 500 कंपनियों की औसत आय में करीब 9.53 फीसदी और मुनाफे में 11.8 फीसदी का इजाफा देखने को मिला है। वहीं इस साल की लिस्ट में 57 कंपनियां बाहर हो गई हैं। 

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पिछले दस वर्षों में तेल से लेकर रिटेल समूह बनी रिलायंस का मुनाफा आईओसी की तुलना में औसतन तीन गुना बढ़ा है। वित्त वर्ष में 2015 में तुलनात्मक आधार पर रिलायंस ने सबसे ज्यादा 4.8 गुना ज्यादा मुनाफा कमाया था। सरकार के स्वामित्व वाली तेल और प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) तीसरे स्थान पर है। 

65 कंपनियों  को कुल 1.67 लाख करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। 22 में से 14 सरकारी बैंकों का कुल घाटा 74,253 करोड़ रुपये रहा। वहीं केवल दो निजी बैंकों--आईडीएफसी फर्स्ट बैंक को 1907.9 करोड़ रुपये और लक्ष्मी विलास बैंक को 894.1 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। 

500 कंपनियों के रेवेन्यू में ऑयल एंड गैस सेक्टर की आठ कंपनियों का 22.3 फीसदी योगदान रहा। बैंकिंग सेक्टर की कंपनियों का शेयर 15.88 फीसदी रहा। मुनाफे में ऑयल एंड गैस सेक्टर की कंपनियों का सबसे ज्यादा 23.44 फीसदी योगदान रहा। कंपनियों की संख्या के मामले में बैंकिंग सेक्टर सबसे बड़ा रहा। इस सेक्टर की 48 कंपनियां लिस्ट में शामिल हुईं।

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