रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) ने 31 मार्च को समाप्त तिमाही में 5,631 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया है। यह बीते दो साल से अधिक की अवधि में कंपनी का सर्वाधिक तिमाही लाभ रहा।
पेट्रोकेमिकल कारोबार से लाभ में वृद्धि और रुपये में गिरावट के चलते निर्यात से आमदनी बढ़ने का सकारात्मक असर कंपनी के मुनाफे पर हुआ। आरआईएल की ओर से जारी बयान के मुताबिक जनवरी-मार्च 2014 तिमाही में कंपनी का शुद्ध लाभ 0.8 फीसदी बढ़कर 5,631 करोड़ रुपये या 17.4 रुपये प्रति शेयर हो गया।
कंपनी ने पिछले साल की समान अवधि में 5,589 करोड़ रुपये का लाभ कमाया था। कंपनी की ऑयल रिफाइनिंग से आमदनी 12.3 फीसदी बढ़ी है।
रिलायंस ने बीती तिमाही के दौरान कच्चे तेल से प्रति बैरल पर 9.3 डॉलर की कमाई की। रिलायंस गुजरात के जामनगर में दुनिया के सबसे बड़ी रिफाइनरी चलाती है। बीती तिमाही में डॉलर के मुकाबले रुपये के गिरकर 61.8 रुपये के स्तर पर आने से कंपनी को निर्यात से अच्छी आमदनी हुई।
इससे कंपनी की बिक्री 13 फीसदी उछलकर 97,807 करोड़ रुपये हो गई। पूरे वित्त वर्ष 2013-14 में कंपनी ने 21,984 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया। यह वित्तवर्ष 2012-13 की तुलना में 4.7 फीसदी अधिक है। देश में किसी निजी कंपनी द्वारा कमाया गया यह सर्वाधिक मुनाफा है।
वित्त वर्ष 2012-13 में रिलायंस ने 21,003 करोड़ रुपये का लाभ कमाया था। बीते वित्त वर्ष में कंपनी का टर्नओवर 8.1 फीसदी बढ़कर 4,01,302 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड पर पहुंच गया। जबकि 2012-13 में कंपनी का टर्नओवर 3,71,119 करोड़ रुपये था।
रिलायंस इंडस्ट्रीज के सीएमडी मुकेश अंबानी का कहना है कि वित्त वर्ष 2013-14 कंपनी के लिए संतोषजनक रहा। रिफाइनिंग बिजनेस में कंपनी ने अब तक का सबसे ज्यादा मुनाफा दर्ज किया है। साल के अंत में ग्रॉस रिफाइनिंग मार्जिन में तेज सुधार देखने को मिली है।
पेट्रोकेमिकल कारोबार से आमदनी भी तेजी से बढ़ी है। शेल गैस कारोबार में मुनाफे से आय में बढ़ोतरी देखने को मिली है। उन्होंने कहा कि कंपनी के रिटेल कारोबार में अच्छी ग्रोथ हुई है और अब वह देश का सबसे बड़ा रिटेल चेन बन गया है।