विलय हुई कंपनियों का संयुक्त राजस्व 26000 करोड़ रुपये
यह संयुक्त उद्यम भारत की सबसे बड़ी मीडिया और मनोरंजन कंपनियों में से एक होगी, जिसका संयुक्त राजस्व मार्च 2024 में समाप्त होने वाले वित्तीय वर्ष के आंकड़ों के अनुसार लगभग 26,000 करोड़ रुपये (US$ 3.1 बिलियन) है। संयुक्त उद्यम 100 से अधिक टीवी चैनल संचालित करता है और सालाना 30,000+ घंटे की टीवी मनोरंजन सामग्री तैयार करता है। जियोसिनेमा और हॉटस्टार डिजिटल प्लेटफॉर्म का कुल सब्सक्रिप्शन बेस 50 मिलियन से अधिक है। संयुक्त उद्यम के पास क्रिकेट, फुटबॉल और अन्य खेलों में खेल अधिकारों का पोर्टफोलियो है।
मुकेश अंबानी बोले- भारतीय मनोरंजन उद्योग नए युग में प्रवेश कर रहा
भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने 27 अगस्त 2024 को इस सौदे को मंजूरी दी थी। सीसीआई के अलावा, इस सौदे को यूरोपीय संघ, चीन, तुर्की, दक्षिण कोरिया और यूक्रेन के एंटी-ट्रस्ट अधिकारियों ने भी मंजूरी दी है। संयुक्त उद्यम के बारे में बात करते हुए, रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने कहा, "इस संयुक्त उद्यम के गठन के साथ, भारतीय मीडिया और मनोरंजन उद्योग एक परिवर्तनकारी युग में प्रवेश कर रहा है। हमारी गहरी रचनात्मक विशेषज्ञता और डिज्नी के साथ संबंध, साथ ही भारतीय उपभोक्ता की हमारी बेजोड़ समझ भारतीय दर्शकों के लिए किफायती कीमतों पर बेजोड़ सामग्री विकल्प सुनिश्चित करेगी। मैं संयुक्त उद्यम के भविष्य को लेकर बहुत उत्साहित हूं और इसकी सफलता की कामना करता हूं।"
डिज्नी के सीईओ बोले- यह कंपनियों के साथ ग्राहकों के लिए भी रोमांचक क्षण
वॉल्ट डिज्नी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रॉबर्ट ए. इगर ने कहा, "यह विलय दोनों कंपनियों के साथ-साथ भारत के उपभोक्ताओं के लिए भी एक रोमांचक क्षण है, क्योंकि हम इस संयुक्त उद्यम के माध्यम से देश में शीर्ष मनोरंजन संस्थाओं में से एक बना रहे हैं। रिलायंस के साथ मिलकर, हम इस महत्वपूर्ण मीडिया बाजार में अपनी उपस्थिति का विस्तार करने और दर्शकों को मनोरंजन, खेल सामग्री और डिजिटल सेवाओं का और भी मजबूत पोर्टफोलियो प्रदान करने में सक्षम हैं।"
एक अलग सौदे में, रिलायंस (आरआईएल) ने वायाकॉम18 में पैरामाउंट ग्लोबल की 13.01% की पूरी हिस्सेदारी 4,286 करोड़ रुपये में खरीद ली है। अब, वायाकॉम18 में आरआईएल की 70.49%, नेटवर्क18 मीडिया एंड इन्वेस्टमेंट की 13.54% और बोधि ट्री सिस्टम्स की 15.97% हिस्सेदारी पूरी तरह से डाइल्यूटेड आधार पर है।