इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस ने सोमवार को कहा कि देश के प्रमुख निजी बैंकों में शुमार लक्ष्मी विलास बैंक पर भारतीय रिजर्व बैंक ( RBI ) द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों का असर उसकी विलय प्रक्रिया पर नहीं पड़ेगा। इंडियाबुल्स ने लक्ष्मी विलास बैंक के साथ विलय की घोषणा की है।
इंडियाबुल्स के उपाध्यक्ष ने दिया बयान
इंडियाबुल्स के उपाध्यक्ष और प्रबंध निदेशक गगन बंगा ने निवेशकों से एक साझा कॉल पर कहा कि तथ्य यह है कि लक्ष्मी विलास बैंक को त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई के तहत रखा गया है लेकिन उनके हिसाब से यह एक अवसर है और यह रिजर्व बैंक को भी थोड़ा समय देगा कि वह अन्य नियामकों से प्रतिक्रिया ले सके और फिर अंतिम फैसला ले कि इस विलय पर आगे बढ़ना चाहिए या नहीं। बंगा ने कहा कि यह आखिरी बिंदु नहीं है और जहां तक बैंक के प्रस्ताव की बात है तो मैं इसे लेकर बहुत सकारात्मक हूं।
बैंक ने जारी किया पब्लिक नोटिस
लक्ष्मी विलास बैंक ने शेयरधारकों को पब्लिक नोटिस जारी किया है, जिसमें लिखा है कि आरबीआई द्वारा लगाए गए प्रतिबंध का इकोनॉमिक ऑफेंसिस विंग ( EOW ) में रेलिगेयर फिन्वेस्ट लिमिटेड द्वारा फाइल की गई एफआईआर से कुछ लेना-देना नहीं है।
ये है पूरा मामला
बता दें कि हाल ही में लक्ष्मी विलास बैंक के निदेशकों के खिलाफ दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने 790 करोड़ रुपये का गबन करने केआरोप में मुकदमा दर्ज किया था। यह मुकदमा पुलिस ने वित्तीय सेवा कंपनी रेलिगेयर फिनवेस्ट की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए किया था।
दिल्ली पुलिस को दी गई अपनी शिकायत में रेलिगेयर ने कहा है कि उसने 790 करोड़ रुपये की एक एफडी बैंक में की थी, जिसमें से हेरा-फेरी की गई है। पुलिस ने कहा कि शुरुआती जांच में ऐसा लग रहा है कि पैसों में हेराफेरी पूरी योजना बद्ध तरीके से की गई है। फिलहाल पुलिस ने बैंक के निदेशकों के खिलाफ धोखाधड़ी, विश्वासघात, हेराफेरी व साजिश का मुकदमा दर्ज किया है।