अब आपको सभी प्रकार की अव्वल और फिसड्डी ट्रेनों के बारे में आसानी से जानकारी मिल सकेगी। इसके साथ ही कौन सा जोन बढ़िया काम कर रहा है, ये जानकारी भी रेलवे आपको देगा।
ट्रेनों की होगी रैंकिंग
रेल मंत्रालय अगले महीने से देश भर में चलने वाली अपनी सभी शताब्दी, राजधानी, मेल, एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों की रैंकिंग तय करने जा रहा है। इसकी शुरुआत जल्द ही की जाएगी। जिस आधार पर रैंकिंग को तय किया जाएगा उनमें सफाई और समय की पाबंदी को पहले क्रमांक पर रखा जाएगा।
नहीं चलती है सही समय पर ट्रेनें
देश भर में कई ट्रेनें ऐसी हैं, जिनके आने और जाने का कोई समय निश्चित नहीं है। ट्रेन लेट होने के कारण कई बार यात्रियों का समय और धन दोनों बर्बाद होता है। उदाहरण के लिए दिल्ली से बिहार, बंगाल की तरफ जाने वाली ज्यादातर ट्रेनें 6 से लेकर के 48 घंटे लेट चलती हैं।
अभी पूरे देश में ट्रेनों के लेट होने के समय में 70 फीसदी की गिरावट हो चुकी है। दूसरा स्टेशनों और ट्रेन के कोच में गंदगी और बदबू भी एक बहुत बड़ा और पुराना कारण हैं। रेलवे स्टेशन और ट्रेन के अंदर सफाई रखने के लिए अब रेलवे ने सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति भी कर दी है।