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जेट एयरवेज के पायलटों ने खटखटाया सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा, लगाई ये गुहार

Wed, 08 May 2019 09:13 AM IST
‌डिंपल अलवधी भाषा, नई दिल्ली
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जेट एयरवेज के पायलटों ने मंगलवार को उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने एयरलाइन का फिर से परिचालन शुरू करने के लिए भारतीय स्टेट बैंक (SBI) को कंपनी को अंतरिम पूंजी उपलब्ध कराने का निर्देश देने का शीर्ष अदालत से आग्रह किया है। 

ये है DGCA की योजना

उल्लेखनीय है कि जेट एयरवेज ने अस्थायी तौर पर उड़ानें बंद कर दी है। इससे उसके करीब 22,000 कर्मचारियों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। नेशनल एविएटर्स गिल्ड ने याचिका में जेट एयरवेज के स्लॉट को दूसरी एयरलाइन को नहीं देने के लिए केंद्र और नागरिक विमानन निदेशालय (DGCA) को निर्देश देने की मांग की है। केंद्र और डीजीसीए की योजना जेट के स्लॉट को अस्थायी तौर पर अन्य कंपनियों को देने की है। 

याचिका में की गई ये मांग

याचिका में एयरलाइन का पंजीकरण खत्म नहीं करने की भी मांग की गई है। याचिका वकील गौरव अग्रवाल ने दायर की है। याचिका में कहा गया है कि कंपनी के निदेशक मंडल ने 25 मार्च को ऋण पुनर्गठन योजना को मंजूरी दी थी, जिसके तहत एसबीआई को कंपनी में 1,500 करोड़ रुपये की पूंजी डालनी थी लेकिन वादे के मुताबिक पूंजी का वितरण नहीं किया गया है। इसमें कहा गया है कि एसबीआई का पूंजी नहीं डालने का फैसला जेट एयरवेज के खड़े होने और उसके मूल्य में गिरावट के लिए जिम्मेदार है। 

इसलिए कम हो रहा है कंपनी का मूल्य

इसके साथ ही याचिका में कहा गया कि केंद्र, डीजीसीए, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण और अन्य कंपनी के मूल्य को बढ़ाने में नाकाम रहे हैं। याचिका में कहा गया है कि इसके बावजूद की रुचि पत्र आमंत्रित किया गया है और नई खरीदार की तलाश करने के लिए बोली प्रक्रिया चल रही है, तब भी केंद्र और डीजीसीए ने जेट एयरवेज के स्लॉट अन्य कंपनियों को आवंटित करना शुरू कर दिया है, जिससे कंपनी का मूल्य काफी कम हुआ है।

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जेट ने इन कंपनियों से की बात

रिपोर्ट के अनुसार जेट के एक वरिष्ठ अधिकारी राहुल तनेजा अपनी प्रतिद्वंद्वी कंपनियों से और ई-कॉमर्स कंपनियों से अपने कर्मचारियों को नौकरी देने के लिए बात कर रहे हैं। तनेजा ने विस्तारा एयरलाइंस, स्पाइसजेट और अमेजन कंपनी से बात की है। 

इन कंपनियों ने की थी मदद

हाल ही में स्पाइसजेट और विस्तारा ने जेट एयरवेज के कर्मचारियों की मदद करने के लिए हाथ आगे बढ़ाया था। विस्तारा ने जेट के 550 कर्मियों को नौकरी पर रखा था, इनमें 100 पायलट शामिल हैं। वहीं जेट एयरवेज ने अपने कर्मचारियों की मेडिक्लेम सुविधा भी बंद कर दी है।  

केबिन क्रू को किया शामिल

टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयर विस्तारा ने जेट एयरवेज के 450 केबिन क्रू स्टाफ को अपने यहां पर नौकरी दी है। फिलहाल एयर इंडिया, स्पाइसजेट और गो एयर कर्मचारियों की मदद के लिए आगे आ रहे हैं। एयर एशिया जेट एयरवेज के बोइंग 737 को अपने बेड़े में शामिल कर लिया है। 

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