बैंक ने केवल पिछले दो साल से ही इन्श्योरेंस कवर ले रखा है। जहां अन्य सरकारी और प्राइवेट सेक्टर बैंकों ने अलग-अलग मदों जैसे कि ट्रेड फाइनेंस, बिल डिस्काउंटिंग और साइबर इन्श्योरेंस के लिए कवर ले रखा है, वहीं पीएनबी के पास इस तरह का कोई इन्श्योरेंस कवर नहीं ले रखा है।
हर साल 5 करोड़ रुपये का प्रीमियम
पीएनबी ने यूनाइटेड इंडिया इन्श्योरेंस से 40 फीसदी कवर ले रखा है, वहीं बाकी का 60 फीसदी कवर 3 अन्य पीएसयू इन्श्योरेंस कंपनियों से ले रखा है। अकेले यूनाइटेड इन्श्योरेंस को पीएनबी हर साल 5 करोड़ रुपये प्रीमियम के तौर पर देता है।
इसमें भी केवल आगजनी, प्रॉपर्टी को नुकसान और बाहर से होने वाले फ्रॉड को कवर किया जाता है। बैंक के अंदर से होने वाले फ्रॉड के लिए केवल 2 करोड़ रुपये का कवर लिया है, जिससे इतने बड़े घोटाले की भरपाई होना मुश्किल है।