नकदी संकट से जूझ रही जेट एयरवेज का परिचालन अस्थायी तौर पर अप्रैल में ही बंद हो गया था। लाइवमिंट की एक खबर के अनुसार, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज जेट एयरवेज के शेयरों की ट्रेडिंग पर 28 जून से पाबंदी लगा देगा। जेट के कर्जदाता कंपनी के लिए नया खरीदार ढूंढ रहे हैं।
नैशनल स्टॉक एक्सचेंज ने कहा है कि कंपनी अपने बारे में विभिन्न अफवाहों का जवाब देने में नाकाम रही है। जेट का जवाब स्पष्ट और संतोषजनक नहीं था। यह फैसला एक्सचेंजों ने संयुक्त रूप से लिया है और यह 28 जून से प्रभावी हो जाएगा।
जेट एयरवेज के शेयरों की ट्रेडिंग पर पाबंदी की खबर के बाद गुरुवार जेट के शेयर में भारी गिरावट आई। 99.40 के स्तर पर खुलने के बाद जेट के शेयर में 19.55 अंक यानी 17.72 फीसदी की गिरावट आई। इसके बाद जेट के एक शेयर का दाम 90.75 के स्तर पर पहुंचा। कंपनी का बाजार पूंजीकरण 1045.10 करोड़ रुपये के स्तर पर है।
दरअसल 25 साल पुरानी एयरलाइन कंपनी पर आठ हजार करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज है और बैंकों ने 400 करोड़ रुपये का इमर्जेंसी फंड देने से इनकार कर दिया था। इसके बाद कंपनी के सामने 'शटरडाउन' के अलावा अब कोई विकल्प नहीं बचा था।
जेट एयरवेज के पास दिसंबर 2018 तक 124 विमान थे। इस साल जनवरी से जेट का संकट गहराने लगा था। महज चार महीने में विमानों की संख्या घटकर पांच रह गई।