अब भारत में बिकने वाली ब्रेड भी सुरक्षित होगी क्योंकि देश के चोटी के ब्रेड निर्माताओं ने कैंसर के कारक माने जाने वाले रसायन पोटैशियम ब्रोमेट का इस्तेमाल नहीं करने का फैसला किया है।
ऑल इंडिया ब्रेड मैन्यूफैक्चरर्स एसोसिएशन (एआईबीएमए) के अध्यक्ष रमेश मागो ने बृहस्पतिवार को बताया कि ब्रेड निर्माण में प्रयुक्त होने वाला पोटैशियम ब्रोमेट सुरक्षित है और उसे मिलाना वैधानिक भी है क्योंकि उसे भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने अनुमति दी है। यही नहीं, इसे अमेरिका के एफडीए ने भी अनुमति दी हुई है। लेकिन अब जबकि इसे कैंसर का कारक माना जा रहा है तो देश के संगठित ब्रेड निर्माताओं ने इसका उपयोग बंद करने का फैसला लिया है।
उल्लेखनीय है कि एक गैर सरकारी संगठन द्वारा ब्रेड में कैंसर के खतरे वाले पोटैशियम ब्रोमेट के इस्तेमाल की रिपोर्ट आने तथा एफएसएसएआई द्वारा इस रसायन पर प्रतिबंध के प्रस्ताव के बाद ब्रेड निर्माता कंपनियां दबाव में थीं। एक निर्माता ने बताया कि लोगों में भ्रम फैलने की वजह से उनकी बिक्री भी घटी है। लोग निश्चिंत होकर ब्रेड खा सकें, इसके लिए एआईबीएमए ने स्वैच्छिक रूप से इसका उपयोग नहीं करने का फैसला लिया है।
अब इस रसायन के विकल्प का इस्तेमाल किया जाएगा जो इससे सस्ता ही पड़ता है। सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट की बीते 23 मई को जारी रिपोर्ट में कहा गया था कि दिल्ली से पैकेज्ड ब्रेड, बन, पाव आदि के 38 नमूनों के परीक्षण में, 34 में पोटैशियम ब्रोमेट या पोटैशियम आयोडेट की मौजूदगी पाई गई। पोटैशियम आयोडेट से थायरॉइड संबंधी बीमारियां होती हैं। परीक्षण में कहा गया था कि यूरोपीय संघ तथा कुछ अन्य देशों में इनका इस्तेमाल प्रतिबंधित है।