मुख्य आरोपी नीरव मोदी का स्विटजरलैंड में होने का संदेह जांच एजेंसियों को है। दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की बैठक के दौरान नीरव मोदी वहां पर मौजूद था। पीएम नरेंद्र मोदी के साथ भारतीय सीईओ की ग्रुप फोटो में भी नीरव मोदी मौजूद है। इस फोटो को केंद्र सरकार के प्रेस सूचना ब्यूरो द्वारा जारी किया गया था। यह फोटो 23 जनवरी को खींची गई थी।
राहुल ने कसा तंज
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा- नीरव मोदी का भारत को लूटने का तरीका- पहले पीएम मोदी को गले लगाया और उसके बाद पीएम के साथ दावोस में दिखाई दिया। उस प्रभाव का इस्तेमाल करके पहले 12,000 करोड़ रुपए लूटे और दूसरा माल्या की तरह देश से भागने में सफल रहे। जबकि सरकार दूसरे रास्ता देख रही थी। एक मोदी से दूसरा मोदी।
2011 से चल रहा था फर्जीवाड़ा
सूत्रों के मुताबिक यह फर्जीवाड़ा 2011 से चल रहा था और इसमें बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों की संलिप्तता थी। पीएनबी ने एक बयान में कहा है कि मुंबई स्थित उसकी एक ब्रांच में फर्जी तरीके से ट्रांजेक्शन कर कुछ खाताधारकों को लाभ पहुंचाया गया।
नीरव मोदी के भाई निशाल, पत्नी एमी और मेहुल चीनभाई चोकसी की ओर से किए इन ट्रांजेक्शन के आधार पर आरोपियों ने विदेश में अन्य भारतीय बैंकों से लोन हासिल कर लिया। चोकसी ज्वेलरी चेन गीतांजलि के मालिक हैं।
मोदी पर 10 दिन पहले ही पीएनबी ने 280 करोड़ रुपये की घोखाधड़ी का केस दर्ज कराया है। इसमें बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत भी सामने आई है। सीबीआई इसकी जांच कर रही है। मोदी के अलावा इसमें उसके भाई निशाल, पत्नी और पार्टनर चोकसी को भी आरोपी बनाया गया है।