Reliance Retail in Talks To buy QSR chain Subway India
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बाजार पूंजीकरण के लिहाज से देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड जल्द ही दुनिया की सबसे बड़ी सिंगलब्रांड रेस्टोरेंट चेन सबवे इंक की भारतीय फ्रेंचाइजी को खरीद सकती है। रिलायंस के मालिक मुकेश अंबानी की नजर क्विक सर्विस रेस्टोरेंट (QSR) कारोबार पर है। मालूम हो कि सबवे का मुख्यालय अमेरिका के कनेक्टीकट में है और भारत में कंपनी कई स्थानीय मास्टर फ्रेंचाइजी के जरिए अपना कारोबार करती है। यह अब दुनियाभर में रिस्ट्रक्चरिंग कर रही है।
इकोनॉमिक टाइम्स के अनुसार, सूत्रों का कहना है कि यह सौदा 20 करोड़ डॉलर से 25 करोड़ डॉलर यानी 1,488 करोड़ रुपये से 1,860 करोड़ रुपये के बीच हो सकता है।
इन कंपनियों से होगा सीधा मुकाबला
इस सौदे के बाद रिलायंस रिटेल का सीधा मुकाबला डॉमिनोज पिज्जा, बर्गर किंग, पिज्जा हट, स्टारबक्स और उनके लोकल पार्टनर्स टाटा समूह और जुबिलेंट ग्रुप से होगा। वहीं कुछ निजी इक्विटी कंपनियां भी सैंडविच बनाने वाली कंपनी सबवे की लोकल फ्रेचाइजी ऑपरेशंस को खरीदने की कोशिश कर रही हैं। इस सौदे के बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज की खुदरा यूनिट को पूरे भारत में सबवे के करीब 600 स्टोर मिलेंगे। सबवे किसी एक सिंगल पार्टनर के जरिए भारत में अपने कारोबार को फैलाना चाहती है।
भारत में दिल्ली स्थित चेतन अरोड़ा, सचिन अरोड़ा, मनप्रीत गुलरी, ऋषि बाजोरिया गुलप्रीत गुलरी और राहुल भल्ला सबवे के प्रमुख विकास एजेंट्स हैं। अमेरिका आधारित रेस्तरां मास्टर फ्रेचाइजी नियुक्त कर सब-फ्रेंचाइजी के जरिए स्टोर्स चलाती है। डाबर के प्रमोटर अमित बर्मन की लाइट बाइट फूड्स इनमें शामिल है।
क्विक सर्विस रेस्टोरेंट में किसकी कितनी हिस्सेदारी
मौजूदा समय में सबवे का मालिकाना हक डॉक्टर्स एसोसिएट्स के पास है। यह कंपनी प्रत्येक फ्रेंचाइजी से आठ फीसदी रेवेन्यू लेती है। भारत में 18,800 करोड़ रुपये के संगठित क्विक सर्विस रेस्टोरेंट में इसकी छह फीसदी हिस्सेदारी है। वहीं 21 फीसदी हिस्सेदारी के साथ डॉमिनोज बाजार लीडर है। इसके बाद 11 फीसदी हिस्सेदारी के साथ मैकडॉनल्ड्स दूसरे स्थान पर है।