जियो इंफोकॉम में हिस्सेदारी खरीदने के लिए हो रही जांच
इसके साथ ही सॉफ्टबैंक का 'विजन फंड' वर्तमान में जियो इंफोकॉम में हिस्सेदारी खरीदने को लेकर जांच-परख कर रहा है। कंपनी ने सितंबर 2016 में अपनी सेवा शुरू की थी और मात्र दो साल के भीतर ही वह भारत की तीसरी सबसे बड़ी दूरसंचार सेवाप्रदाता कंपनी बन गई।
हालांकि, इस खबर पर रिलायंस और सॉफ्टबैंक दोनों के ही प्रवक्ताओं ने टिप्पणी करने से इनकार किया है।
अंबानी के कारोबार पर सऊदी अरामको की नजर
बता दें यह खबर ऐसे समय आई है जब सऊदी अरब की आरामको के रिलायंस इंडस्ट्रीज के रिफाइनरी एवं पेट्रोकेमिकल कारोबार में 25 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने की रिपोर्ट आ रहीं हैं। यह सौदा 10 से 15 अरब डॉलर का होने की उम्मीद है। सऊदी अरब की सबसे बड़ी तेल निर्यातक कंपनी सऊदी अरामको ने चार महीने पहले रिलायंस में रुचि दिखाई थी। इस मामले को लेकर सऊदी के राजकुमार मोहम्मद बिन सलमान ने फरवरी में अपने भारत दौरे के समय मुकेश अंबानी से मुलाकात भी की थी। जिसके बाद से ही बातचीत जारी है।
मामले की जानकारी रखने वाले लोगों का कहना है कि जून के आसपास वेल्युएशन (मूल्य निर्धारण) पर समझौता हो सकता है। बता दें आरआईएल का रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल्स व्यवसाय करीब 55-60 अरब डॉलर का है। बताया जा रहा है कि इस सौदे का सुझाव इन्वेस्टमेंट बैंकर गोल्डमैन सैक्स ने दिया है।