अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के दबाव के कारण मोदी सरकार जल्द खर्चों में भारी कटौती कर सकती है। दरअसल नोटबंदी के बाद जनता को राहत देने के लिए सरकार को खजाने में कैश की जरूरत है। इस जरूरत को पूरा करने के लिए स्रोतों के सीमित होने के कारण सरकार को खर्चों में कटौती की जरूरत महसूस हो रही है।
सरकार ने आमदनी बढ़ाने के हर विकल्प को तलाशना शुरू कर दिया है। वित्त सचिव अशोक लवासा के बताया कि सरकार मार्च से पहले खर्च के तौर-तरीकों के नियमों में बड़े सुधार करने का जा रही है।
खर्च नियंत्रण करने के लिए मॉडर्न मैनेजमेंट के तरीके अपनाए जाएंगे।