किंगफिशर के ब्रांड और ट्रेडमार्क की नीलामी में बैंकों को भारी निराशा हाथ लगी है। इन्हें खरीदने के लिए एक भी व्यक्ति सामने नहीं आया है। इनकी कीमत 366.70 करोड़ रुपए रखी गई थी। बैंकों ने ये ऑनलाइन नीलामी शनिवार को अपने बकाया लोन की रिकवरी करने के लिए रखी थी, लेकिन कोई भी इन्हें खरीदने आगे नहीं बढ़ा।
भारतीय स्टेट बैंक की अगुवाई में 17 बैंकों के समूह द्वारा माल्या से पैसों की रिकवरी करने का यह दूसरा प्रयास है जो फेल हुआ है। इससे पहले किंगफिशर हाउस की नीलामी रखी गई थी, जिसे खरीदने के लिए एक भी व्यक्ति आगे नहीं आया था। यह नीलामी सुबह 11.30 बजे शुरू हुई और एक घंटे तक चली।
ब्रांड और ट्रेडमार्क की नीलामी के लिए रखी गई 366.70 करोड़ रुपए की कीमत उस कीमत का महज दसवां हिस्सा है, जिसे कर्ज लेने के लिए गिरवी रखा गया था। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि बैंकों की तरफ से ट्रेडमार्क की जो कीमत रखी गई थी वो बहुत अधिक थी, जिसके चलते किसी ने भी इसे खरीदने में दिलचस्पी नहीं दिखाई।
आपको बता दें कि विजय माल्या पर बैंकों का करीब 9000 करोड़ रुपए का कर्ज है। इसमें सबसे अधिक कर्ज भारतीय स्टेट बैंक का है, जिसकी रकम करीब 1600 करोड़ रुपए है।
इसके अलावा विजय माल्या पर पंजाब नेशनल बैंक का 800 करोड़ रुपए, आईडीबीआई का 800 करोड़ रुपए, बैंक ऑफ इंडिया का 650 करोड़ रुपए, यूको बैंक का 320 करोड़ रुपए, कॉर्पोरेशन बैंक का 310 करोड़ रुपए, स्टेट बैंक ऑफ मैसूर का 150 करोड़ रुपए, आईओबी का 140 करोड़ रुपए, फेडरल बैंक का 90 करोड़ रुपए, पंजाब और सिंध बैंक का 60 करोड़ रुपए और एक्सिस बैंक का 140 करोड़ रुपए का कर्ज है।