आज सदन में बदरुद्दीन अजमल के प्रश्न के लिखित उत्तर में पुरी ने कहा कि, 'वित्त वर्ष 2018-19 के ऑडिट अकाउंट के अनुसार, एयर इंडिया का समेकित घाटा 62,614 करोड़ रुपये था।' उन्होंने कहा कि ब्याज के अत्यधिक भार, प्रतिस्पर्धा, भारतीय रुपये के कमजोर होने तथा कुछ अन्य कारणों से एयर इंडिया को नुकसान हुआ है। मंत्री ने कहा कि नुकसान के बावजूद एयर इंडिया सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम तेल कंपनियों को भुगतान करती आ रही है।
100 फीसदी हिस्सेदारी के लिए NRI लगा सकते हैं बोली
इससे पहले बुधवार को एयर इंडिया की प्रस्तावित रणनीतिक बिक्री के मामले में केंद्र सरकार ने इसमें हिस्सेदारी खरीदने की शर्तों में एक और ढील दे दी थी। इसके तहत अब अनिवासी भारतीय भी 100 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने के लिए बोली लगा सकते हैं। जबकि पहले वह केवल 49 फीसदी हिस्सेदारी के लिए ही बोली लगा सकते थे।
बुधवार को केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने एयर इंडिया की रणनीतिक बिक्री के बारे में कहा कि अब अनिवासी भारतीय (एनआरआई) एयरलाइंस में 100 फीसदी हिस्सेदारी हासिल कर सकते हैं, जो कि पहले नियमत: 49 फीसदी थी। सरकार एयर इंडिया में अपनी पूरी हिस्सेदारी बेच रही है।
केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में मंत्रिमंडल की बैठक में प्रवासी भारतीयों (एनआरआई) को एयर इंडिया में शत प्रतिशत हिस्सेदारी लेने को मंजूरी दी गई।
उन्होंने कहा कि प्रवासी भारतीयों को 100 प्रतिशत निवेश की अनुमति देने से वृहद मालिकाना हक और प्रभावी नियंत्रण (एसओईसी) नियमों का उल्लंघन नहीं होगा। एनआरआई निवेश को घरेलू निवेश के रूप में लिया जाता है।
एसओईसी के नियमों के अनुसार, जो एयरलाइन किसी खास देश से दूसरे देशों के लिए उड़ान भरती है, उसमें वहां की सरकार या नागरिकों की महत्वपूर्ण हिस्सेदारी होनी चाहिए।