डील 1: जियो-फेसबुक
सोशल मीडिया क्षेत्र की दिग्गज अमेरिकी कंपनी फेसबुक ने 22 अप्रैल 2020 को मुकेश अंबानी के नेतृव वाले रिलायंस इंडस्ट्रीज समूह की कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड में 9.99 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने के लिए 5.7 अरब डॉलर (43,574 करोड़ रुपये) निवेश का करार किया था। फेसबुक और जियो के बीच इस डील को भारत के टेक्नोलॉजी सेक्टर में अब तक का सबसे बड़ा विदेशी निवेश कहा जा रहा है। इस निवेश के बाद जियो भारत की 5 सबसे बड़ी लिस्टेड कंपनियों में से एक बन गई है। आइए जानते हैं इस डील के बारे में विस्तार में-
- इस निवेश के बाद जियो प्लेटफॉर्म्स, रिलायंस रीटेल लिमिटेड (रिलायंस रिटेल) और व्हाट्सएप के बीच भी एक व्यावसायिक पार्टनरशिप समझौता हो गया है। इसके अनुसार रिलायंस रीटेल अपना न्यू कॉमर्स व्यवसाय व्हाट्सएप की मदद से जियोमार्ट के प्लेटफॉर्म पर कर सकेगा।
- देश के करोड़ों किसान और व्यापारी ठीक उसी तरह जियोमार्ट से जुड़ सकेंगे जिस तरह वे अमेजन, फ्लिपकार्ट, ग्रोफर्स और बिग बास्केट के साथ जुड़े हैं।
- जियोमार्ट के जरिए बिजनेस कर रहे किसान व्हाट्सएप पेमेंट के जरिए पेमेंट ले और दे सकेंगे। जियोमार्ट पर डिजिटल पेमेंट के लिए व्हाट्सएप पेमेंट का इस्तेमाल होगा।
- फेसबुक के लिए दुनिया का सबसे बड़ा बाजार भारत है। भारत में फेसबुक के स्वामित्व वाले व्हाट्सएप के 40 करोड़ यूजर्स हैं। ऐसे में जियो के साथ यह डील फेसबुक के लिए फायदे वाली है।
- जियोमार्ट को कुछ महीने पहले ही अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसी कंपनियों के मुकाबले पेश किया गया है, लेकिन पूरे भारत में इसकी लॉन्चिंग अभी बाकि है।
- व्हाट्सएप ने साल 2018 में भारत में छोटे व्यापारियों की मदद के लिए व्हाट्सएप बिजनेस एप लॉन्च किया था। जियो के साथ पार्टनरशिप के बाद व्हाट्सएप के बिजनेस एप में भी कुछ बदलाव किए जा सकते हैं।
- यह डील जियोमार्ट को अमेजन और फ्लिपकार्ट के खिलाफ एक मजबूत प्रतियोगी बनाने में मदद करेगा। इस डील से ऑनलाइन ग्रॉसरी डिलिवरी कंपनियों जैसे बिगबास्केट और ग्रोफर्स की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
- रिलायंस के मुताबिक इस डील का फायदा भारत के 6 करोड़ माइक्रो, छोटे और मंझोले व्यवसायों, 12 करोड़ किसानों, 3 करोड़ छोटे दुकानदारों और इंफॉर्मल सेक्टर के लाखों छोटे और मंझोले व्यवसायों को होगा।
डील 2: जियो-सिल्वर लेक
जियो प्लेटफॉर्म्स में 4 मई 2020 को सिल्वर लेक कंपनी ने 5655.75 करोड़ रुपये निवेश करने की घोषणा की। सिल्वर लेक को इस निवेश के बदले लगभग 1.15 फीसदी इक्विटी हासिल होगी। सिल्वर लेक के निवेश में जियो प्लेटफॉर्म्स की इक्विटी वैल्यू 4.90 लाख करोड़ आंकी गई है। यह फेसबुक की लगाई गई वैल्यू से 12.5 फीसदी अधिक है।
सिल्वर लेक के साथ हिस्सेदारी पर टिप्पणी करते हुए, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन व प्रबंध निदेशक, मुकेश अंबानी ने कहा कि, 'भारतीय डिजिटल ईको-सिस्टम के विकास के लिए, सिल्वर लेक का एक महत्वपूर्ण साझेदार के रूप में स्वागत करते हुए मुझे खुशी हो रही है। इससे सभी भारतीयों को लाभ मिलेगा। सिल्वर लेक का वैश्विक स्तर पर अग्रणी प्रौद्योगिकी कंपनियों के साथ साझेदारी का उत्कृष्ट रिकॉर्ड है। सिल्वर लेक प्रौद्योगिकी और वित्त के मामले में सबसे सम्मानित संस्थाओं में से एक है। हम उत्साहित हैं कि हम सिल्वर लेक के वैश्विक संबंधों का लाभ भारतीय डिजिटल सोसाइटी में बदलाव के कर पाएंगे।'
वहीं सिल्वर लेक के मैनेजिंग पार्टनर एगॉन डरबन ने जियो की तारीफ करते हुए कहा कि, 'जिया प्लेटफॉर्म्स दुनिया की सबसे उल्लेखनीय कंपनियों में से एक है, जिसका नेतृत्व एक अविश्वसनीय रूप से मजबूत और उद्यमशीलता प्रबंधन टीम कर रही है। हम जियो मिशन को आगे बढ़ाने में मदद करने के लिए मुकेश अंबानी और रिलायंस और जियो की टीम के साथ साझेदारी करने के लिए सम्मानित और प्रसन्न महसूस कर रहे हैं।'
सिल्वर लेक का यह निवेश कई मायनों में महत्वपूर्ण है। कंपनी ने व्यापक डिजिटलीकरण को भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए जरूरी और रोजगार पैदा करने वाला बताया है।
दुनियाभर की टेक कंपनियों में निवेश करती है सिल्वर लेक
सिल्वर लेक अमेरिका की एक निजी इक्विटी फर्म है। यह कंपनी दुनियाभर की टेक कंपनियों में निवेश करती है। जियो से पहले सिल्वर लेक ने एयरबीएनबी, अलीबाबा, आंट फाइनेंशियल, अल्फाबेट की वैरिली एंड वायमो यूनिट्स, डेल टेक्नोलॉजी और ट्वीटर समेत कई वैश्विक टेक्नोलॉजी कंपनियों में निवेश कर रखा है। सिल्वर लेक के पास करीब 40 अरब डॉलर के कम्बाइंड एसेट अंडर मैनेजमेंट हैं।