फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जल्द खत्म हो सकती है जेट एयरवेज के कर्मचारियों की दिक्कतें, इन कंपनियों में मिल सकती है नौकरी

Thu, 02 May 2019 03:54 PM IST
‌डिंपल अलवधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
विज्ञापन

अस्थाई तौर पर बंद हो चुकी जेट एयरवेज के कर्मचारियों की दिक्कत जल्द खत्म हो सकती है। इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार नकदी संकट से जूझ रही विमानन कंपनी जेट एयरवेज 15 कंपनियों से बात कर रही है कि उसके कर्मचारियों को नौकरी दी जाए। 

मुसीबत में 20,000 कर्मचारी

हाल ही में जेट एयरवेज के तीन अधिकारियों ने कंपनी से इस्तीफा भी दे दिया था। बंद हो चुकी जेट एयरवेज के करीब 20,000 कर्मचारियों को आज कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इन कर्मचारियों को जनवरी माह से ही वेतन नहीं मिला है। ऐसा इसलिए क्योंकि कंपनी के पास कर्मचारियों को वेतन देने के लिए भी पैसे नहीं थे। 

जेट ने इन कंपनियों से की बात

रिपोर्ट के अनुसार जेट के एक वरिष्ठ अधिकारी राहुल तनेजा अपनी प्रतिद्वंद्वी कंपनियों से और ई-कॉमर्स कंपनियों से अपने कर्मचारियों को नौकरी देने के लिए बात कर रहे हैं। तनेजा ने विस्तारा एयरलाइंस, स्पाइसजेट और अमेजन कंपनी से बात की है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

इन कंपनियों ने की थी मदद

हाल ही में स्पाइसजेट और विस्तारा ने जेट एयरवेज के कर्मचारियों की मदद करने के लिए हाथ आगे बढ़ाया था। विस्तारा ने जेट के 550 कर्मियों को नौकरी पर रखा था, इनमें से 100 पायलट हैं। वहीं जेट एयरवेज ने अपने सभी कर्मचारियों के लिए मेडिक्लेम सुविधा को बंद कर दिया है। इसके अलावा विस्तारा और एयर एशिया जल्द ही जेट एयरवेज के खड़े हो चुके विमानों को अपने बेड़े में शामिल कर लेगी। 

केबिन क्रू को किया शामिल

टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयर विस्तारा ने जेट एयरवेज के 450 केबिन क्रू स्टाफ को अपने यहां पर नौकरी दी है। फिलहाल एयर इंडिया, स्पाइसजेट और गो एयर कर्मचारियों की मदद के लिए आगे आ रहे हैं। एयर एशिया जेट एयरवेज के बोइंग 737 को अपने बेड़े में शामिल कर लिया है। 

मेडिक्लेम सुविधा को किया बंद

भारी नकदी संकट से डूबने की कगार पर पहुंची निजी क्षेत्र की विमानन कंपनी जेट एयरवेज अपने 20,000 से अधिक कर्मचारियों की अब मेडिक्लेम सुविधा भी बंद कर दी है। एयरलाइन ने कर्मचारियों से कहा है कि वह समूह मेडिक्लेम पॉलिसी का प्रीमियम भरने की स्थिति में नहीं है।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें