सरकार ने उद्योगपति विजय माल्या जैसे जान बूझकर बैंकों का लोन न चुकाने वालों को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि उन्हें बैंकों को सम्मान से बकाए का भुगतान करना चाहिए। यदि वे ऐसा नहीं करते हैं तो ऋणदाताओं और सरकारी जांच एजेंसियों के दबाव का सामना करने के लिए तैयार रहें।
उन्होंने कहा 'मैं व्यक्तिगत मामलों पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता लेकिन मुझे लगता है कि यह उनके -विजय माल्या- जैसे बड़े समूहों की जिम्मेदारी है कि वे बैंकों को सम्मानपूर्वक भुगतान करें।'
उन्होंने कहा कि बैंकों के पास विजय माल्या की समूह कंपनियों की कुछ परिसंपत्तियां गिरवी पड़ी हैं और वे 9000 करोड़ रुपए से अधिक ऋण की वसूली के लिए कानूनी कार्रवाई करेंगे। उन्होंने कहा कि बैंकों के पास कुछ प्रतिभूतियां भी हैं। बैंक और अन्य एजेंसियों के पास कानूनी कार्रवाई के जरिए कुछ दबाव डालने वाले तरीके हैं, संबद्ध एजेंसियां इनकी जांच कर रही हैं।
लंबे समय से बंद पड़ी किंगफिशर एयरलाइन्स के प्रवर्तक विजय माल्या बीते दो मार्च को भारत छोड़कर बाहर चले गए थे। मीडिया में ऐसी खबरें चल रही है कि वह लंदन में हैं। माल्या ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की अपनी समूह कंपनियों से ऋण वसूली के संबंध में सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका की सुनवाई से कुछ दिन पहले ही देश छोड़ा था।