देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के द्वारा चालू वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही में जमा किए गए अग्रिम कर को देखकर लगता है कि अन्य बैंकों की तरह एसबीआई भी वित्तीय हालात से जूझ रहा है।
एसबीआई ने चालू वित्त वर्ष (2013-14) की अंतिम तिमाही (जनवरी-मार्च) के लिए 1,456 करोड़ रुपये के अग्रिम कर का भुगतान किया है। एसबीआई द्वारा दिया गया यह अग्रिम कर तकरीबन पिछले साल जितना ही है।
वित्त वर्ष 2012-13 की चौथी तिमाही में बैंक ने 1,450 रुपये का अग्रिम कर जमा किया था। एसबीआई के अग्रिम कर में सालाना आधार पर कोई खास बढ़ोतरी न किए जाने से बैंक की वित्तीय हालत को लेकर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि एडवांस टैक्स की रकम को किसी कंपनी या संस्थान की कारोबारी सेहत से जोड़कर देखा जाता है।
हालांकि यह स्थिति एसबीआई के अलावा कई दूसरे सरकारी बैंकों और काफी हद तक पूरे बैंकिंग सेक्टर पर लागू होती दिख रही है। आर्थिक सुस्ती के चलते पूरे बैंकिंग सेक्टर की स्थिति बीते वित्त वर्ष में कमजोर रही है।
हालांकि एसबीआई द्वारा सपाट एडवांस टैक्स भरे जाने की खबर का बैंक के शेयर पर असर नहीं दिखा। शुरुआती कारोबार में एसबीआई का शेयर 3 फीसदी बढ़त के साथ 1,704.25 रुपये के भाव पर कारोबार करता दिखा।