देश की दिग्गज आईटी कंपनी इंफोसिस जल्द ही 12 हजार कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाने जा रही है। हाल ही में विश्व की प्रमुख आईटी कंपनी कोग्निजेंट ने भी 13 हजार कर्मचारियों को बाहर करने की घोषणा की थी। इससे सबसे ज्यादा असर उन कर्मचारियों पर पड़ेगा जिनका वेतन बहुत ज्यादा है।
कंपनी अपने यहां जेएल6 बैंड में कार्यरत 2200 कर्मचारियों (10 फीसदी) को बाहर करेगी। इस बैंड में ज्यादातर सीनियल लेवल पर कार्यरत कर्मचारी होते हैं। कंपनी के पास मध्यम क्रम में करीब 3092 कर्मचारी जेएल6, जेएल7 और जेएल8 बैंड में कार्यरत हैं।
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार कंपनी में ऐसे कर्मचारियों की संख्या 50 के करीब है, जिनको असिस्टेंट वाइस प्रेसीडेंट, वाइस प्रेसीडेंट, सीनियर वाइस प्रेसीडेंट और एग्जिक्यूटिव वाइस प्रेसीडेंट के पद पर नियुक्त किया गया था। इन सभी को बाहर किया जाएगा।
कंपनी के इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है, जबइतनी ज्यादा संख्या में लोगों को बाहर किया जाएगा। इससे पहले लोग अपनी तरफ से कंपनी से बाहर निकलते थे। पिछली दो तिमाही से कंपनी अपने कई कर्मचारियों को बाहर कर चुकी है। टेक सर्विस में कार्यरत 18 फीसदी कर्मचारी खुद से और 19.4 फीसदी अलग से निकल चुके है। इसके अलावा जितने भी कर्मचारी बाहर गए हैं, उनको कंपनी ने ऐसा करने के लिए कहा है।