सात नवंबर को भारत में किफायती विमानन सेवाएं देने वाली कंपनी इंडिगो और कतर एयरवेज रणनीतिक कारोबारी घोषणा करेंगे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह घोषणा कोडशेयर करार से जुड़ी हो सकती है।
इससे पहले कतर एयरवेज इंडिगो में निवेश में दिलचस्पी दिखा चुकी है। हालांकि इंडिगो ने इसका विरोध ही किया है। बता दें कि अगस्त 2019 में कतर एयरवेज के मुख्य कार्याधिकारी अकबर अल बाकर ने अपने एक बयान में कहा था कि कतर एयरवेज की इंडिगो में काफी दिलचस्पी है।
तब बाकर ने कहा था कि कतर एयरवेज इंडिगो के साथ कोडशेयर व संयुक्त उड़ान पर बातचीत कर रही है। हालांकि तब इस संदर्भ में इक्विटी हिस्सेदारी को लेकर बात नहीं हुई थी। अल बाकर ने कहा था कि 'हमने इंडिगो से बातचीत की थी, लेकिन विमानन कंपनी अभी विदेशी निवेशक को शामिल करने के लिए तैयार नहीं है। जब वह तैयार होगी, कतर की उसमें रुचि होगी।'
बता दें कि यह सौदा तब होगा जब इंडिगो के दोनों प्रवर्तकों - राकेश गंगवाल और राहुल भाटिया के बीच विवाद खत्म हो जाएगा। इन दोनों के बीच कंपनी प्रशासन को लेकर विवाद चल रहा है, जिसकी वजह से निवेशक चिंतित हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि इससे कंपनी की मूल्यांकन और रणनीति प्रभावित हो सकती है।
मालूम हो कि भारतीय बाजार में इंडिगो की करीब 40 फीसदी हिस्सेदारी है। इंडिगो की अंतरराष्ट्रीय मार्ग पर विस्तार करने की योजना है।
बीते दिनों खबर आई थी कि इंडिगो जल्द ही रिकॉर्ड 300 से ज्यादा ए320 नियो-फैमिली के विमानों का बड़ा ऑर्डर दे सकती है। इस पर कम से कम 33 अरब डॉलर की लागत आने का अनुमान है।