सर्वेक्षण के मुताबिक, बढ़िया प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों को आकर्षित करने तथा उन्हें कंपनी में बनाए रखने के प्रयास के तहत, कंपनियां अपने कर्मचारियों के दिन-प्रतिदिन के कामकाजी माहौल में सुधार, अधिक लचीले काम के घंटे व स्थान तथा कैरियर विकास कार्यक्रमों में विस्तार कर सकती हैं।
अमेरिकन एक्सप्रेस बैंकिंग कॉर्प के ग्लोबल कॉमर्शियल सर्विसेज के वीपी तथा जीएम सारू कौशल ने कहा कि भारत कारोबारी विश्वास तथा निवेश दोनों ही मामले में सबसे आगे है। कंपनियां टीएंडई पर खर्च में बढ़ोतरी करने, नकदी प्रवाह को अनुकूल करने व इसका इस्तेमाल विवेवकपूर्ण तरीके से कारोबार को बढ़ाने व सुरक्षित करने की जरूरत को दोहरा रही हैं।
परिवहन, पूंजी प्रबंधन व प्रशासनिक दक्षता को प्राथमिकता
870 वरिष्ठ अधिकारियों के बीच किए गए सालाना समग्र औद्योगिक सर्वेक्षण के मुताबिक, सर्वेक्षण में शामिल 33 फीसदी भारतीय सीएफओ ने परिवहन/लॉजिस्टिक्स पर खर्च बढ़ने की संभावना जताई, जबकि 53 फीसदी ने हार्डवेयर तथा इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च बढ़ने की संभावना जताई है। लगभग आधे वरिष्ठ वित्तीय अधिकारियों का मकसद मोबाइल प्रौद्योगिकी पर खर्च बढ़ाने का है।
कंपनी में करेंगे सुधार
सर्वेक्षण में शामिल लगभग 40 फीसदी सीएफओ ने कहा कि वे कारोबारी उद्देश्यों की प्राप्ति में मदद को लेकर वित्तीय व खरीद प्रक्रिया को व्यवस्थित करने सहित प्रशासनिक प्रक्रिया की दक्षता में सुधार के लिए पिछले साल की अपेक्षा अधिक निवेश कर सकते हैं। सर्वेक्षण में शामिल लगभग 90 फीसदी वरिष्ठ वित्तीय अधिकारियों का मानना है कि पिछले साल की तुलना में इस साल उनकी कंपनियों के लिए नकद तथा कार्यशील पूंजी प्रबंधन में सुधार अधिक जरूरी है।