हालांकि जानकारों का मानना है कि इकोनॉमी के रफ्तार पकड़ने के बाद बिजनेस जेट और चार्टेड फ्लाइट्स में फिर से बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। नोटबंदी और जीएसटी के प्रभाव से इंडस्ट्री उबर रही है आगे चलकर एक बार फिर से बड़ी कंपनियों के मालिक व टॉप मैनेजमेंट एक बार फिर से पर्सनल जेट से सफर करने लगेंगे।
हवाई अड्डों पर लैंडिंग-टेक ऑफ के लिए मारामारी
देश के बड़े और बिजी हवाई अड्डों पर भी चार्टेड व पर्सनल जेट के लिए लैंडिंग व टेक ऑफ के लिए मारामारी रहती है। इसके साथ ही इन विमानों को टैक्सी के लिए भी जगह नहीं मिल पाती है। रियल इस्टेट और बिजली कंपनियों के हाल सही नहीं होने के कारण भी इस बिजनेस पर असर पड़ेगा।