छात्रों की भर्ती की तारीख आगे बढ़ाने के मामले में आईआईएम-अहमदाबाद और दिग्गज ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट के बीच विवाद काफी बढ़ गया है। आईआईएम - अहमदाबाद ने फ्लिपकार्ट के सीईओ बिन्नी बंसल को एक कड़ी चिट्ठी लिखकर कहा है कि वह उसके स्टूडेंट्स को नौकरी की गारंटी और जून महीने से ही क्षतिपूर्ति दें क्योंकि उन्हें इसी महीने से योगदान करने को कहा गया था।
दरअसल फ्लिपकार्ट ने प्लेसमेंट रिक्रूटमेंट के जरिये आईआईएम अहमदाबाद के 18 स्टूडेंट्स की भर्ती की थी। उन्हें जून से ही नौकरी शुरू करनी थी लेकिन कंपनी में री-स्ट्रक्चरिंग के मद्देनजर फ्लिपकार्ट ने ज्वायनिंग डेट दिसंबर तक बढ़ा दी। आईआईएम-अहमदाबाद ने जब इस पर एतराज जताया तो फ्लिपकार्ट ने कहा कि वह स्टूडेंट्स को डेढ़ लाख रुपये की क्षतिपूर्ति ज्वायनिंग बोनस के तौर पर देगी। लेकिन आईआईएम इसके लिए राजी नहीं है। उसने कहा है कि कंपनी क्षतिपूर्ति जून महीने से ही देना शुरू करे और स्टूडेंट्स को जॉब की गारंटी दे।
आईआईएम-अहमदाबाद की प्लेसमेंट कंपनी की चेयरमैन आशा कौल ने फ्लिपकार्ट से एक कांफ्रेंस कॉल का भी अनुरोध किया था, जहां सभी पक्ष मिलकर मामले को सुलझा सकें। हालांकि आईआईएम-बंगलूरू ने कहा है कि ज्वायनिंग में देरी की इस घटना के बावजूद वह स्टार्ट-अप्स को रिक्रूटमेंट के लिए कैंपस में आने से नहीं रोकेगा। दूसरी ओर, आईआईएम-संस्थानों ने उन स्टूडेंट्स के लिए दूसरी नौकरियां तलाशने में मदद की पेशकश भी की है, जो फिल्पकार्ट के लिए नहीं रुकना चाहते हैं। वैसे, फिल्पकार्ट ने एक बार फिर भरोसा दिलाया है कि वह दिसंबर में इन स्टूडेंट्स को जरूर अपने यहां भर्ती कर लेगी। उसने डेढ़ लाख रुपये की क्षतिपूर्ति भी देने का भरोसा दिया है।
यह अलग बात है आईआईएम-अहमदाबाद ने स्टूडेंट्स को जून से ही क्षतिपूर्ति देने की मांग की है। गौरतलब है कि पिछले कुछ अरसे से स्टार्ट-अप के पास आने वाला निवेशकों का फंड कम हुआ और इससे कंपनियों के पास नकदी घटी है। इसे देखते हुए कंपनियां लागत कम करने में लगी हैं। वह कम से कम भर्ती कर काम चलाना चाहती हैं। ज्वायनिंग में देरी जैसे मामले इसी का नतीजा हैं।