कारपोरेट अफेयर्स मंत्रालय के पास केवल 2001 से लेकर के 2013-14 तक का शेयरहोल्डिंग डाटा उपलब्ध है। उस समय कंपनी के पास करीब 27 करोड़ की संपत्ति भी थी। 2009 में चंदा कोचर को आईसीआईसीआई बैंक का सीईओ बनाया गया था। इसके एक साल बाद 2010 में चंदा ने क्रेडेंशियल फाइनेंस में अपने सभी शेयरों को बेच दिया था। लेकिन कोचर परिवार के अन्य सभी सदस्य आज भी इस कंपनी के शेयर होल्डर हैं।
2013-14 में वीडियोकॉन ने कम की थी हिस्सेदारी
इसके बाद वीडियोकॉन ने इस कंपनी में अपनी हिस्सेदारी को घटाकर 4.88 फीसदी कर दिया था। इसके बाद भी यह कंपनी में सबसे बड़ा शेयर होल्डर है। फिलहाल इस कंपनी में कोई प्रमोटर नहीं है और सभी 90 सदस्य 5 फीसदी हिस्सेदारी के साथ शेयर होल्डर हैं।
1995 से इस कंपनी में दीपक कोचर एमडी और राजीव कोचर एवं इनकी पत्नी इस कंपनी में प्रमुख शेयर होल्डर थे। हालांकि अब यह कंपनी बंद हो गई है और शेयर बाजार से अगस्त 2017 में इसे लिस्टेड कंपनियों की श्रेणी से भी बाहर कर दिया गया है।