महाराजा व्हाइटलाइन के पूर्व सीईओ सुनील वाधवा के मुताबिक, सरकार के सिर्फ इस फैसले ने कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स बनाने वाली कंपनियों में नया उत्साह भर दिया है। इस क्षेत्र में जो कंपनियां अपने उपकरण खुद बनाती हैं, उन्होंने उत्पादन में बढ़ोतरी की योजना बना ली है। व
हीं, जो कंपनी अपने उत्पाद किसी वेंडर से बनवाती है, उसने अपना ऑर्डर बढ़ाने की कवायद शुरू कर दी है। सिर्फ गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, फरीदाबाद और गुड़गांव की ही इस क्षेत्र की कंपनियों की बात करें, तो कंपनियों ने अगले दिवाली की तैयारी अभी से शुरू कर दी है। उन्होंने कच्चे माल के ऑर्डर बढ़ा दिए हैं और जहां कर्मचारी कम थे, वहां कर्मचारियों की भर्ती शुरू कर दी है।
दिवाली पर बेहतर डील की उम्मीद
वाधवा का कहना है कि इस बार दिवाली में बिजली से चलने वाले घरेलू उपकरण खरीदने वालों की चांदी होगी। क्योंकि पिछली दिवाली के कुछ ही महीने पहले, एक जुलाई 2017 से जीएसटी लागू किया गया था। उस समय कारोबारी और कंपनियां दोनों उलझन में थे। अब जबकि एक तरफ जीएसटी प्रणाली पूरी तरह स्थापित हो गई है, वहीं दूसरी तरफ कर का भार 10 फीसदी घट गया है। ऐसे में कर कटौती का फायदा ग्राहकों को तो मिलेगा ही, साथ ही कंपनी व डीलर भी ऑफर देंगे।
ग्रामीण बाजार पर ज्यादा फोकस
ग्रेटर नोएडा में अपने संयंत्र में कंज्यूमर अप्लायंसेज बनाने वाली एक बहुराष्ट्रीय कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी ने अमर उजाला को बताया कि उनका ज्यादा फोकस अब ग्रामीण बाजार पर होगा। उनका कहना है कि शहरी क्षेत्र में तो लगभगर हर घर में रेफ्रिजरेटर, वाशिंग मशीन और वाटर हीटर है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी अधिकतर घरों में ऐसी वस्तुओं की जीरो ऑनरशिप है।