सरकार ने यस बैंक, रिलायंस लाइफ इंश्योरेंस, बिरला सन लाइफ इंश्योरेंस समेत विदेशी निवेश के 16 प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है। इससे देश में करीब 14000 करोड़ रुपये के विदेशी निवेश का मार्ग प्रशस्त हुआ है। लेकिन आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल और आईसीआईसीआई लोम्बार्ड के प्रस्ताव को बोर्ड ने टाल दिया है।
सरकारी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास की अध्यक्षता वाली विदेशी निवेश प्रोत्साहन बोर्ड -एफआईपीबी- की पिछले दिनों हुई बैठक में विदेशी निवेश के 34 प्रस्ताव आए थे, जिनमें से 16 प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई। सूत्रों के मुताबिक इसमें यस बैंक में एफडीआई सीमा 41 फीसदी से बढ़ा कर 74 फीसदी करने का प्रस्ताव आया था।
इस निर्णय के बाद बीते नवंबर में घोषित नए नियमों के तहत एफडीआई सीमा की बढ़ी हुई मंजूरी पाने वाला पहला बैंक बन गया। इस दौरान रिलायंस लाइफ इंश्योरेंस में जापान की कंपनी निप्पन लाइफ इंश्योरेंस द्वारा अतिरिक्त 23 फीसदी शेयर लेने का भी प्रस्ताव आया, जिसे स्वीकार कर लिया गया।
इस समय निप्पन की लिायंस लाइफ में 26 फीसदी की हिस्सेदारी है। इसी दौरान सन लाइफ फाइनेंसियल इन्वेस्टमेंट इंक के बिरला सन लाइफ इन्श्योरेंस कंपनी में हिस्सेदारी 49 फीसदी तक बढ़ाने के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दे दी।
इसके अलावा अवीवा लाइफ इन्श्योरेंस और राहेजा क्यूबीई जनरल इंश्योरेंस कंपनी की संबंधित कंपनियों में निवेश की सीमा बढ़ाकर 49 फीसदी करने के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दे दी।