एयर इंडिया के विनिवेश को लेकर गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में बनाए गए मंत्री समूह ने अंतिम तिथि बढ़ाने का निर्णय किया। संभावित खरीदारों के लिए रुचि पत्र (बोलियां) जमा कराने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 30 अप्रैल कर दी गयी है। निवेश और लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) ने एक अधिसूचना में कहा, ‘‘कोरोना वायरस महामारी की स्थिति को ध्यान में रखते हुए और संभावित खरीदारों के अनुरोध पर गौर करते हुए अंतिम तारीख बढ़ाने का निर्णय किया गया है।’’
100 फीसदी हिस्सेदारी बेचेगी सरकार
इससे पहले सरकार ने फरवरी में इच्छुक खरीदार कंपनियों या कंपनी समूहों को एयर इंडिया के ‘वर्चुअल डाटा’ तक पहुंच उपलब्ध कराई थी और उन्हें इससे जुड़े सवाल-जवाब के लिए छह मार्च तक का समय दिया था। सरकार ने एयर इंडिया में 100 फीसदी हिस्सेदारी बेचने के लिए 27 जनवरी को एक आरंभिक सूचना ज्ञापन जारी किया था। इसमें एयर इंडिया की 100 फीसदी हिस्सेदारी के साथ एयर इंडिया एक्सप्रेस लिमिटेड में उसकी 100 फीसदी और सिंगापुर की कंपनी के साथ संयुक्त उपक्रम एयर इंडिया सैट्स एयरपोर्ट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड में 50 फीसदी हिस्सेदारी की बिक्री भी शामिल है।
पिछले वित्तीय वर्ष हुआ था इतना घाटा
पांच मार्च को सदन में बदरुद्दीन अजमल के प्रश्न के लिखित उत्तर में नागर विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा था कि, 'वित्त वर्ष 2018-19 के ऑडिट अकाउंट के अनुसार, एयर इंडिया का समेकित घाटा 62,614 करोड़ रुपये था।' उन्होंने कहा कि ब्याज के अत्यधिक भार, प्रतिस्पर्धा, भारतीय रुपये के कमजोर होने तथा कुछ अन्य कारणों से एयर इंडिया को नुकसान हुआ है। मंत्री ने कहा कि नुकसान के बावजूद एयर इंडिया सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम तेल कंपनियों को भुगतान करती आ रही है।
100 फीसदी हिस्सेदारी के लिए NRI लगा सकते हैं बोली
इससे पहले बुधवार को एयर इंडिया की प्रस्तावित रणनीतिक बिक्री के मामले में केंद्र सरकार ने इसमें हिस्सेदारी खरीदने की शर्तों में एक और ढील दे दी थी। इसके तहत अब अनिवासी भारतीय भी 100 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने के लिए बोली लगा सकते हैं। जबकि पहले वह केवल 49 फीसदी हिस्सेदारी के लिए ही बोली लगा सकते थे।