केंद्र सरकार ने 884 कंपनियों पर मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। इन कंपनियों की 5 हजार करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति को सरकार ने अटैच भी कर लिया है और जांच शुरू कर दी है।
रद्द नहीं किया गया है रजिस्ट्रेशन
केंद्रीय कॉर्पोरेट राज्य मंत्री पीपी चौधरी ने राज्य सभा को लिखित जवाब देते हुए कहा है कि फिलहाल इन कंपनियों का रजिस्ट्रेशन रद्द नहीं किया गया है। हालांकि इन 884 कंपनियों में केवल 58 के खिलाफ पीएमएलए के तहत केस दर्ज किया है। बाकी कंपनियों के खिलाफ जांच चल रही है।
2.26 लाख कंपनियों का रजिस्ट्रेशन किया रद्द
चौधरी ने बताया कि पिछले दो साल से ज्यादा समय से किसी तरह का बिजनेस नहीं कर रहीं करीब 2.26 लाख कंपनियों के रजिस्ट्रेशन को रद्द कर दिया गया। इसके साथ ही 3 लाख से अधिक लोगों को किसी भी कंपनी का डायरेक्टर बनने से रोक लगा दी है। इनमें से 2 लाख लोग ऐसी कंपनियों के डायरेक्टर थे, जिनका रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया गया है।