Google completes Fitbit acquisition
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इंटरनेट व प्रौद्योगिकी कंपनी गूगल ने फिटनेस उपकरण बनाने वाली कंपनी फिटबिट का 2.1 अरब डॉलर का अधिग्रहण गुरुवार को पूरा कर लिया है। गूगल ने 14 महीने पहले इस सौदे की घोषणा की थी। गूगल को इस सौदे से और मजबूत होने में मदद मिलेगी।
विज्ञापनों के जरिए कमाती है गूगल
हालांकि यह सौदा ऐसे समय पूरा हुआ है जब अमेरिका के प्रतिस्पर्धारोधी नियामक गूगल के पर कतरने के उपायों पर काम कर रहे हैं। गूगल अधिकांश आय विज्ञापनों के जरिए कमाती है। कंपनी अपने अरबों उपयोक्ताओं (यूजरों) की दिलचस्पी व उनकी स्थिति आदि जैसी जानकारियों का इस्तेमाल कर विज्ञापन बेचती है।
नियामकों को भय, गूगल ने किया दावा
निजता व गोपनीयता का संरक्षण करने वाले नियामकों को भय है कि गूगल लोगों के जीवन में और गहरे तक घुसपैठ करने के लिए फिटबिट का इस्तेमाल कर सकती है। हालांकि गूगल ने दावा किया है कि वह फिटबिट के 2.9 करोड़ उपयोक्ताओं के फिटनेस संबंधी डाटा का इस्तेमाल विज्ञापन बेचने में नहीं करेगी।
फिटबिट के ग्राहकों की निजता का करेंगे बचाव
इस संदर्भ में गूगल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (उपकरण एवं सेवाएं) रिक ओस्टरलो ने गुरुवार को एक ब्लॉग पोस्ट में कहा कि, 'यह सौदा डाटा के लिए नहीं बल्कि डिवाइस के लिए है। हम इस बात पर शुरुआत से ही स्पष्ट रहे हैं कि हम फिटबिट के यूजरों की निजता का बचाव करेंगे।'
भारतीय मूल के सुंदर पिचाई हैं कंपनी के सीईओ
दिग्गज टेक कंपनी गूगल और उसकी मूल कंपनी अल्फाबेट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) भारतीय मूल के सुंदर पिचाई हैं। अल्फाबेट की स्थापना साल 2015 में 'कंपनियों को समूह' के रूप में की गई थी। यह गूगल को उन प्रतिष्ठानों जैसे, वायमो (स्वचालित कार) वेरिली (जैव विज्ञान) कैलिको (बायोटेक आर एंड डी) साइडवॉक लैब (शहरी नवोन्मेष) और लून (गुब्बारे की सहायता से ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट उपलब्धता) से अलग करती है जो इसके मूल व्यवसाय नहीं हैं।