Ritesh Agarwal, Founder and CEO of oyo rooms
- फोटो : twitter: @riteshagar
अमेरिका की दिग्गज टेक कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने भारत की स्टार्टअप कंपनी ओयो में 50 लाख डॉलर यानी करीब 37 करोड़ रुपये का निवेश किया है। ओयो होटल्स एंड होम्स प्रारंभिक सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ) लाने की तैयारी कर रही है। इस निवेश के बाद कंपनी की वैल्युएशन 9.6 अरब डॉलर यानी 668 अरब रुपये से अधिक हो गई है।
इक्विटी शेयरों और अनिवार्य रूप से परिवर्तनीय संचयी तरजीही शेयरों के जरिए किया गया है। इस डील के तहत ओयो 10 रुपये मूल्य के पांच इक्विटी शेयर 58,490 डॉलर यानी करीब 43 लाख 45 हजार रुपये के इश्यू प्राइस पर जारी करेगी। इसके अतिरिक्त F2 सीरीज के 100 रुपये मूल्य वाले 80 परिवर्तनीय संचयी तरजीही शेयर जारी करने को भी मंजूरी दी गई है। ओयो को चलाने वाली कंपनी आरेवेल स्टेज प्राइवेट लिमिटेड की 16 जुलाई को हुई आम बैठक में कंपनी के F2 अनिवार्य परिवर्तनीय संचयी तरजीही शेयरों और इक्विटी शेयरों को निजी आवंटन के आधार पर माइक्रोसॉफ्ट को कुल 4,971,650 डॉलर के समान रुपये में जारी करने को मंजूरी दी गई।
कंपनी अगले महीने फाइल कर सकती है DRHP
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ओयो होटल्स एंड होम्स आईपीओ के लिए बाजार नियामक सेबी के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) सितंबर में फाइल कर सकती है। किसी भी कंपनी के लिए आईपीओ लाने के लिए डीआरएचपी फाइल करना जरूरी होता है। डीआरएचपी में कंपनी और उसके कारोबार की विस्तृत जानकारी होती है। इस दस्तावेज में कंपनी बताती है कि वह बाजार से पैसा क्यों और कितना जुटाना चाहती है।
ओयो में जापान के सॉफ्टबैंक ग्रुप की 46 फीसदी हिस्सेदारी
ओयो में जापान के सॉफ्टबैंक ग्रुप कॉर्प की 46 फीसदी हिस्सेदारी है। हुरुन ग्लोबल रिच लिस्ट 2020 के अनुसार, ओयो के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) रितेश अग्रवाल दुनिया के दूसरे सबसे युवा सेल्फ मेड अरबपति हैं। ओयो देश की सबसे बड़ी स्टार्टअप कंपनियों में से एक है। इसकी स्थापना 2013 में रितेश अग्रवाल ने की थी। यह दुनियाभर में बजट होटल्स के लिए एग्रीगेटर का काम करती है।