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फ्यूचर रिटेल ने RIL सौदे पर यथास्थिति बनाए रखने के आदेश के खिलाफ की अपील

Wed, 03 Feb 2021 04:10 PM IST
‌डिंपल अलावाधी पीटीआई, नई दिल्ली
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रिलायंस इंडस्ट्रीज और फ्यूचर रिटेल लिमिटेड - फोटो : twitter: @CCI_India
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किशोर बियानी की अगुवाई वाली फ्यूचर रिटेल लिमिटेड (एफआरएल) ने बुधवार को दिल्ली उच्च न्यायालय में एकल न्यायाधीश के उस आदेश के खिलाफ अपील की, जिसमें कंपनी को रिलायंस रिटेल के साथ अपने 24,713 करोड़ रुपये के सौदे के संबंध में यथास्थिति बनाए रखने के लिए कहा गया था। इस सौदे को लेकर अमेरिकी ई-कॉमर्स दिग्गज अमेजन ने आपत्ति जताई है। 

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इस मामले से जुड़े एक वकील ने कहा कि उच्च न्यायालय के एक संयुक्त रजिस्ट्रार के समक्ष एफआरएल की अपील दाखिल की गई और अपील पर गुरुवार को सुनवाई होगी। इससे पहले न्यायमूर्ति जेआर मिधा ने मंगलवार को कहा था कि अमेजन के अधिकारों की रक्षा के लिये तत्काल अंतरिम आदेश पारित करने की जरूरत है। 

उन्होंने अपने आदेश में कहा, 'प्रतिवादियों (एफआरएल) को निर्देशित किया गया है कि सुरक्षित आदेश की घोषणा तक, आज शाम 4:49 बजे की यथास्थिति को बनाए रखें।' अमेजन ने इस सौदे पर सिंगापुर के आपातकालीन पंचाट मंच के अंतरिम आदेश को लागू कराने के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। पंचाट ने फ्यूचर रिटेल को रिलायंस रिटेल के साथ उसके 24,713 करोड़ रुपये के सौदे पर रोक लगाने का अंतरिम आदेश दिया था।
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अगस्त में हुआ था रिलायंस और फ्यूचर समूह का समझौता
मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज ने पिछले साल अगस्त में फ्यूचर समूह के साथ खुदरा कारोबार इकाई खरीदने का समझौता किया था। अमेजन शुरुआत से ही इस सौदे के खिलाफ में है। पत्र में अमेजन ने सिंगापुर अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र (एसआईएसी) के अंतरिम फैसले का भी हवाला दिया है। एसआईएसी ने उक्त फैसले में फ्यूचर समूह को रिलायंस इंडस्ट्रीज के साथ सौदे पर आगे बढ़ने से रुकने के लिए कहा है।

जनवरी में अमेजन ने दिल्ली उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर कर भारत में खुदरा स्टोर चलाने वाले कंपनी समूह फ्यूचर ग्रुप के मुख्य कार्यकारी किशोर बियानी समेत इसके संस्थापकों की गिरफ्तारी, उनकी संपत्तियों को जब्त कराने तथा समूह का कारोबार रिलायंस इंडस्ट्रीज को बेचने के करार को रोकने की मांग की थी। 

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