चीन में कोरोना वायरस संक्रमण से निर्माण, परिवहन और रसायन मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत चीन से अजैविक रसायनों का करीब 15 फीसदी आयात करता है। इसके अलावा, पांच आयातित उत्पाद ऐसे हैं, जिनके लिए भारत काफी हद तक चीन पर निर्भर हैं।
इनमें इलेक्ट्रिकल मशीनरी, मशीनरी, मैकेनिकल उपकरण, जैविक रसायन, प्लास्टिक और ऑप्टिकल एवं सर्जरी के उपकरण हैं। देश के कुल आयात में इनकी हिस्सेदारी 28 फीसदी है। ऐसे में ये क्षेत्र कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत प्रमुख रूप से कच्चे तेल, रत्न एवं आभूषण आयात करता है।
देश के कुल आयात में इनका हिस्सा 46 फीसदी है। चीन में आए संकट से ये दोनों क्षेत्र बचे हैं। 2018-19 में भारत के 507 अरब डॉलर के आयात में 26 फीसदी हिस्सा लौह एवं इस्पात और अजैविक रसायनों का था। कोरोना के कारण इन क्षेत्रों पर सबसे कम असर पड़ा है।
शीर्ष-10 कंपनियों की पूंजी 4.22 लाख करोड़ घटी
शेयर बाजारों में कोरोना वायरस के कोहराम के कारण बीते सप्ताह सेंसेक्स की शीर्ष-10 कंपनियों के बाजार पूंजीकरण में संयुक्त रूप से 4,22,393.44 करोड़ रुपये की गिरावट आई है। टीसीएस और आरआईएल को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। टीसीएस का बाजार पूंजीकरण 1,16,549.07 करोड़ और आरआईएल का 1,03,425.15 घटा है।
इसके अलावा, इन्फोसिस के बाजार पूंजीकरण में 41,315.98 करोड़, एचडीएफसी बैंक में 34,919.51 करोड़, हिंदुस्तान यूनिलीवर में 33,208.35 करोड़, कोटक महिंद्रा बैंक में 30,931.1 करोड़, आईसीआईसीआई बैंक में 25,098.54 करोड़, बजाज फाइनेंस में 16,320.81, एयरटेल में 13,611.62 करोड़ और एचडीएफसी में 7,013.31 रुपये की कमी आई है।