भारतीय करदाता के साथ लेन-देन में शामिल विदेशी प्रतिष्ठानों को न सिर्फ अपने और संबंधित पक्षों के मूल देश की जानकारी देनी होगी बल्कि अपनी पैरेंट कंपनी और अंतिम पैरेंट कंपनी के मूल देश के बारे में भी सूचना मुहैया करानी होगी।
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने अंतर्देशीय लेनदेन में पारदर्शिता लाने के लिए आयकर कानून, 1961 में किए गए बदलावों पर राय जानने के लिए जारी ड्राफ्ट में यह जानकारी दी है। सीबीडीटी का यह ड्राफ्ट आयकर विभाग की बेवसाइट पर उपलब्ध है।
इस बदलाव से प्रभावित होने वाले पक्ष और आम जनता 30 अप्रैल तक ड्राफ्ट पर राय दे सकती है। इसके अलावा वित्त अधिनियम, 2017 के अनुसार एडवांस रूलिंग के मामले में ‘आवेदक’ की परिभाषा में बदलाव किया गया है।