इनकम टैक्स डिपॉर्टमेंट ने कंपनियों को बड़ी राहत देते हुए इनकॉरपोरेशन सर्टिफिकेट पर लिखे पैन-टैन नंबर को प्रूफ मानने की इजाजत दे दी है। यह सर्टिफिकेट कॉरपोरेट अफेयर्स मंत्रालय द्वारा कंपनियों को जारी किया जाता है।
एक्ट में किया बदलाव
डिपार्टमेंट ने इस आदेश को लागू करने के लिए फाइनेंस एक्ट 2018 के अनुसार इनकम टैक्स एक्ट 1961, के सेक्शन 139ए में भी बदलाव कर दिया है। इस बदलाव के तहत कंपनियों को अब लैमिनेटेड कार्ड लेना जरूरी नहीं होगा।
यह होता है सर्टिफिकेट ऑफ इनकॉरपोरेशन
सर्टिफिकेट ऑफ इनकॉरपोरेशन में कंपनी की पूरी जानकारी, पैन नंबर अलॉटमेंट, टैन अलॉटमेंट नंबर की जानकारी होती है। इस सर्टिफिकेट को मंत्रालय इसलिए जारी करता है, क्योंकि यह किसी भी कंपनी को देश में कारोबार करने की इजाजत देता है। इस सर्टिफिकेट के जारी हो जाने के बाद कंपनियों को किसी भी तरह की दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ता है।