फोर्ड मोटर्स जल्द ही 12 हजार लोगों को बाहर का रास्ता दिखाने जा रही है। कंपनी ने गुरुवार को जारी बयान में कहा कि वो अपनी आय को बढ़ाने और इलेक्ट्रिक कारों के लिए भारी निवेश करने जा रही है, जिसकी वजह से यह कदम उठाया जा रहा है।
इसका असर यूरोप में दिखेगा जहां पर कंपनी पहले ही अपने छह प्लांट को बंद करने की घोषणा कर चुकी है। अब इसके यूरोप में केवल 18 प्लांट रह जाएंगे।
फोर्ड ने कहा है कि उसका केवल तीन बिजनेस पर फोकस रहेगा जो इनसे जुड़े सभी मामलों को देखेंगे। यह विभाग होंगे कमर्शियल गाड़ियां, यात्री वाहन और आयात होने वाली गाड़ियां जैसे कि मस्टंग।
यह छंटनी 2020 तक होगी। इसमें से दो हजार लोग सैलरी पर रखे हुए हैं। कंपनी ने कहा है कि प्लांट बंद करना और लोगों को नौकरी से निकालना सबसे कठिन निर्णय होता है। हालांकि ऐसे कर्मचारियों को कंपनी अपनी तरफ से पूरी मदद भी देगी।
कंपनी को पिछले वित्त वर्ष में 39.8 करोड़ डॉलर का नुकसान हुआ था। कंपनी को उम्मीद है कि इस साल वो अपनी वित्तीय हालत को सुधार लेगी।
फिलहाल विश्व की सभी ऑटो कंपनियों को कई मोर्चों पर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उनको इलेक्ट्रिक गाड़ियां डेवलप करने के लिए कहा जा रहा है, जिसके लिए काफी पैसा चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि यूरोप में उत्सर्जन के नए मानक जल्द लागू होने वाले हैं।