फेसबुक के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) मार्क जुकरबर्ग को कंपनी के चेयरमैन पद से हटाने की निवेशकों की मांग ने तेजी पकड़ ली है। इस वजह से शुक्रवार को कंपनी के शेयर अमेरिकी बाजार में गिर गए, जिससे जुकरबर्ग को 17.4 बिलियन डॉलर का नुकसान उठाना पड़ा।
इस वजह से उठी मांग
न्यूयॉर्क टाइम्स ने एक रिपोर्ट हाल ही में प्रकाशित की थी, जिसमें कहा गया था कि आलोचनाओं का जवाब देने के लिए फेसबुक ने एक बाहरी पब्लिक रिलेशन कंपनी को हायर किया है। टेलिग्रॉफ के मुताबिक कंपनी ने इससे पहले भी रिपब्लिकन पार्टी से ताल्लुक रखने वाली पीआर कंपनी को भी उस समय हायर किया था, जब फेसबुक पर अमेरिकी चुनाव में रूस द्वारा दखलअंदाजी और कैंब्रिज एनालिटिका द्वारा डाटा को चुराने के आरोप लगे थे।
इस निवेशक ने की मांग
फेसबुक में 8.5 मिलियन पाउंड की हिस्सेदारी रखने वाले और ट्रिलियम असेट मैनजमेंट के वरिष्ठ वाइस प्रेसीडेंट जोनस क्रोन ने जुकरबर्ग से पद छोड़ने के लिए कहा है। जोनस ने कहा कि एक ही व्यक्ति कंपनी में सीईओ और चेयरमैन के पद पर नहीं रह सकता है।
रिपोर्ट के मुताबिक फेसबुक के एक अन्य निवेशक नताशा लैंब का कहना है कि चेयरमैन और सीईओ की संयुक्त भूमिका का मतलब है कि फेसबुक कंपनी के अंदर की समस्याओं को ठीक करने से बच सकता है। बता दें न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में कहा गया था कि फेसबुक इस फर्म के साथ अभी भी काम कर रहा है। बीते 3 सालों से जिन भी विवादों के साथ फेसबुक का नाम जुड़ा है, उनका असर कम हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक पीआर फर्म ने एपल और गूगल के खिलाफ कई लेख लिखे हैं।
फर्म के जरिए फेसबुक इस बात के प्रचार में भी सफल रहा है कि एंटी फेसबुक मूवमेंट चलाने के पीछे निवेशक और सामाजिक कार्यकर्ता जॉर्ज सोरोस का हाथ था। रिपोर्ट में कहा गया है कि फर्म ने पत्रकारों पर यह लिखने का भी दबाव डाला कि सोरोस उन समूहों के साथ आर्थिक संपर्क में है, जो फेसबुक का विरोध करते हैं।
इसके अलावा रिपोर्ट में कहा गया है कि फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने अपने कर्मियों से कहा है कि वह आईफोन के बजाय एंड्रॉयड फोन का ही इस्तेमाल करें। इसके पीछे कारण ये है कि एपल के सीईओ टिम कुक प्राइवेसी के मामले में फेसबुक की आलोचना कर चुके हैं।