नकदी संकट से जूझ रही जेट एयरवेज को एक और झटका लगा है। जेट का परिचालन तो अप्रैल में ही बंद हो गया था। अब एविएशन रेगुलेटर ने कंपनी के इंजीनियरिंग विभाग का ऑथराइजेशन रद्द कर दिया है यानी जेट का इंजीनियरिंग विभाग अब कामकाज नहीं कर सकेगा। डीजीसीए द्वारा उठाए गए इस कदम का सीधा असर कंपनी के विमानों और एसेट्स पर पड़ेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि विमानों को उड़ान न भरने के बावजूद मेंटेनेंस की जरूरत होती है। जेट एयरवेज में लगभग 500 इंजीनियर्स हैं।
बता दें कि जेट एयरवेज के दिवाला एवं शोधन अक्षमता से जुड़े मामले की सुनवाई राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) ने 20 जून तक के लिए स्थगित कर दी है। जेट एयरवेज को एनसीएलटी में घसीटने वाले दो परिचालकीय ऋणदाताओं शमन व्हील्स और गग्गर एंटरप्राइजेज को न्यायाधिकरण ने एयरलाइन को दोबारा कानूनी नोटिस भेजने का निर्देश दिया है। न्यायाधिकरण ने दिवाला प्रक्रिया से जुड़ी इस याचिका को सुनवाई के लिए अब तक दाखिल नहीं किया है।
इसके साथ ही आपको बता दें कि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज जेट एयरवेज के शेयरों की ट्रेडिंग पर 28 जून से पाबंदी लगा देगा। जेट के कर्जदाता कंपनी के लिए नया खरीदार ढूंढ रहे हैं।
इसपर नैशनल स्टॉक एक्सचेंज ने कहा है कि कंपनी अपने बारे में विभिन्न अफवाहों का जवाब देने में नाकाम रही है। जेट का जवाब स्पष्ट और संतोषजनक नहीं था। यह फैसला एक्सचेंजों ने संयुक्त रूप से लिया है और यह 28 जून से प्रभावी हो जाएगा।