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सरकार के दावे पर सवाल, CSR के आंकड़ों में गड़बड़ियां

Thu, 06 Mar 2014 10:43 AM IST
प्रशांत श्रीवास्तव/अमर उजाला, नई दिल्ली
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भले ही कॉरपोरेट अफेयर मंत्री सचिन पायलट नए सीएसरआर नियम लागू होने पर 20 हजार करोड़ रुपए सामाजिक कार्यों पर खर्च होने की बात लगातार दोहरा रहे हैं। लेकिन सीएसआर पर खर्च होने वाली राशि उनके आकलन से 50-60 फीसदी कम होने वाली है।
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ऐसा इसलिए होगा क्योंकि कॉरपोरेट अफेयर मंत्रालय ने जिन 16 हजार कंपनियों के जरिए 20 हजार करोड़ रुपए का आकलन तैयार किया है, उनमें से कई कंपनियों के आंकड़े गलत हैं।

कॉरपोरेट अफेयरर्स मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अमर उजाला को बताया कि नए कंपनी कानून के जरिए कंपनियों को अपने कुल लाभ का दो फीसदी हिस्सा, सीएसआर यानी सामाजिक दायित्वों पर खर्च करना हैं।
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शुरुआती चरण में ही कई आंकड़े गलत
इसके तहत कितनी राशि कॉरपोरेट जगत से आएगी, इसके आकलन के लिए 16 हजार कंपनियों की सूची तैयार की गई थी। जिनके पिछले तीन साल के लाभ के आधार पर 20 हजार करोड़ रुपए का अनुमान सामने आया था।

लेकिन अभी निरीक्षण में यह पता चला है कि कई कंपनियों के तरफ से आंकड़े या तो मंत्रालय को गलत दिए गए हैं, या फिर वह गलत फीड हो गए हैं।

अधिकारी के अनुसार अकेले एक छोटी सी कंपनी के नाम करीब 4,800 करोड़ रुपए खर्च का आकलन तय किया गया है। जिसके आधार पर ओएनजीसी, रिलायंस, एनटीपीसी, टीसीएस, इनफोसिस, इंडियन ऑयल, भारती एयरटेल जैसी बड़ी कंपनियां कहीं पीछे रह गई हैं।

अधिकारी ने बताया कि गड़बड़ी की बात सामने आ चुकी है। जिसे देखते हुए पूरी सूची की फिर से जांच की जा रही है। शुरुआती चरण में ही कई आंकड़े गलत पाए गए हैं।
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इसे देखते हुए 20 हजार करोड़ रुपए के अनुमान की तुलना में वास्तविक सीएसआर खर्च 10 हजार करोड़ से 11 हजार करोड़ रुपए रहने का ही अनुमान है।

क्या है नियम
कंपनी कानून 2013 के तहत कंपनियों को अपने शुद्ध लाभ का दो फीसदी हिस्सा सीएसआर पर खर्च करना होगा। जो कि पिछले तीन साल की कमाई के औसत पर तय होगा।

नया कानून एक अप्रैल 2014 से लागू होगा। यह नियम ऐसी कंपनियों पर लागू होंगे जिनका टर्नओवर सालाना एक हजार करोड़ रुपए या उससे ज्यादा है।

इसके अलावा कंपनी का नेटवर्थ कम से कम 500 करोड़ रुपए या फिर उनका शुद्ध लाभ पांच करोड़ रुपए और उससे ज्यादा है।
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