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14 साल में अनिल अंबानी की संपत्ति में 50 फीसदी की गिरावट, मुकेश हैं आठ गुना ज्यादा अमीर

Tue, 19 Mar 2019 04:01 PM IST
संदीप भट्ट बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
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बड़े भाई मुकेश अंबानी के साथ अनिल अंबानी (फाइल फोटो)
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रिलायंस कम्युनिकेशंस के चेयरमैन अनिल अंबानी बड़े भाई मुकेश अंबानी की मदद से आखिरी समय में एरिक्सन को 550 करोड़ रुपये का बकाया चुकाकर जेल जाने से बच गए। सुप्रीम कोर्ट ने कर्ज चुकाने की आखिरी तारीख 19 मार्च तय की थी। अनिल ने मुश्किल घड़ी में भाई की ओर से इस आर्थिक मदद के लिए आभार व्यक्त किया है। आरकॉम ने बकाये का यह भुगतान टेलीकॉम उपकरण निर्माता स्वीडिश कंपनी एरिक्सन को सोमवार को किया। 

2005 में हुआ था बंटवारा

रिलायंस इंडस्ट्रीज के संस्थापक धीरूभाई अंबानी ने जब दुनिया छोड़ी थी, तो उस वक्त कंपनी का कुल मार्केट कैप 28 करोड़ रुपये था। दोनों भाईयों ने पिता की मृत्यु के बाद 2005 में बंटवारा किया था। लेकिन इन 14 सालों में दोनों भाईयों के व्यापार और कंपनियों के मार्केट कैप में बहुत अंतर देखने को मिला है। 

53 फीसदी घटा अनिल अंबानी का मार्केट कैप

अनिल अंबानी के नेतृत्व वाली कंपनियों का मार्केट कैप 2005 में 56,600 करोड़ रुपये था। जो 2019 में 53 फीसदी घटकर 26,251 करोड़ रुपये रह गया। वहीं दूसरी तरफ मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली कंपनियों का मार्केट कैप 14 साल पहले 96,668 करोड़ रुपये था जो अब 784 फीसदी बढ़कर 8.54 लाख करोड़ रुपये हो चुका है। 

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मुकेश अंबानी के साथ उनकी पत्नी नीता अंबानी (फाइल फोटो)

यह कंपनियां आई थीं हिस्से में

मुकेश अंबानी के हिस्से में पेट्रोकेमिकल के मुख्य कारोबार रिलायंस इंडस्ट्रीज, इंडियन पेट्रोकेमिकल्स कॉर्प लिमिटेड, रिलायंस पेट्रोलियम, रिलायंस इंडस्ट्रियल इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड जैसी कंपनियां आईं। छोटे भाई ने अनिल धीरूभाई अंबानी ग्रुप बनाया। इसमें आरकॉम, रिलायंस कैपिटल, रिलायंस एनर्जी, रिलायंस नेचुरल रिसोर्सेस जैसी कंपनियां प्रमुख थीं।

2002 में हुआ था निधन

धीरूभाई अंबानी का जुलाई 2002 में  निधन हुआ था। उनकी मृत्यु के बाद मुकेश अंबानी कंपनी के चेयरमैन बने थे और अनिल अंबानी कंपनी प्रबंध निदेशक बने थे। लेकिन दोनों भाईयों के काम करने का तरीका काफी अलग था। जहां मुकेश हर काम को करने में जल्दबाजी नहीं दिखाते हैं, वहीं अनिल जल्दी-जल्दी में काम करना चाहते हैं। इसके चलते ही दोनों भाईयों के बीच विवाद कई मामलों में काफी बढ़ता गया। तीन साल बाद ही दोनों भाई अलग हो गए थे। 

मुश्किल अभी खत्म नहीं

एरिक्सन से छुटकारा पाने वाले अनिल अंबानी की मुश्किलें अभी खत्म नहीं हुई हैं। सरकार टेलीकॉम कंपनी बीएसएनएल ने भी उनके खिलाफ एनसीएलटी जाने की तैयारी में है। निगम ने कहा है कि वह इसी सप्ताह आरकॉम पर बकाया 700 करोड़ वसूलने के लिए कंपनी ट्रिब्यूनल का दरवाजा खटखटाएगा।
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अनिल अंबानी (फाइल फोटो)

छह साल पुराना विवाद

आरकॉम का टेलीकॉम नेटवर्क संभालने के लिए एरिक्सन ने 2014 में कंपनी के साथ सात साल का करार किया था। बाद में एरिक्सन ने आरोप लगाया कि आरकॉम ने उसके 1,500 करोड़ रुपये नहीं चुकाए हैं।

2018 में दिवालिया प्रक्रिया के तहत एरिक्सन महज 550 करोड़ रुपये में मामले को निपटाने पर राजी हो गया, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने 15 दिसंबर तक आरकॉम को भुगतान का निर्देश दिया था। हालांकि, कंपनी इस डेडलाइन तक सिर्फ 118 करोड़ रुपये दे सकी थी।

भाई-भाभी का आभार जताया 

आरकॉम ने देर रात अनिल अंबानी का धन्यवाद ज्ञापन वाला बयान जारी किया है। इसमें अनिल ने कहा, मैं आदरणीय बड़े भाई मुकेश और भाभी नीता का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं। उन्होंने मुझे इस कठिन दौर से उबारते हुए हमारे मजबूत पारिवारिक मूल्यों को सही साबित किया है। मैं और मेरा परिवार इस उदारता के लिए दिल से उनका आभार व्यक्त करता है।
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