सरकार ने कहा है कि धोखाधड़ी की स्थिति में धोखा देने वाली कंपनी के खिलाफ कड़े दंड के प्रावधान कंपनी कानून में मौजूद हैं। इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया है कि कोई कंपनी गायब न हो जाए और उनके द्वारा किए गए सभी वित्तीय लेन-देन की रिपोर्टिंग हो।
कंपनी मामलों के मंत्री अरुण जेटली ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में बताया कि किसी खास सीमा से ऊपर की रकम की जब धोखाधड़ी होती है तो लेखा परीक्षकों को भी केन्द्र सरकार के पास रिपोर्ट देनी होती है।
मंत्रालय से प्रश्न पूछा गया था कि क्या वर्तमान कंपनी कानून इस तरह से बनाया गया है कि लोग छद्म कंपनियां बना कर गलत तरीके से पैसा बाहर भेज देते हैं और मारीशस रूट से फिर यह पैसा वापस यहां आ जाता है। एक तरह से यह काले धन को सफेद बनाने जैसा हुआ। जेटली ने बताया कि कंपनी कानून में धोखाधड़ी के लिए बेहद सख्त प्रावधान हैं। इस तरह के मामलों में कंपनी के निदेशकों का पता लगाने के लिए भी इसमें प्रावधान है।