इस संदर्भ में नागर विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा है कि, 'कुछ एयरलाइंस ने इसपर काम करना शुरू भी कर दिया है और इससे मैं खुश हूं। उड़ान के दौरान वाई-फाई की सेवा मुफ्त रखनी है या इसके लिए यात्रियों से पैसे वसूलने हैं यह पूरी तरह से कंपनी का निर्णय होगा।'
बता दें कि सोमवार को केंद्र सरकार ने एयरलाइन कंपनियों को भारत में उड़ानों के दौरान यात्रियों को वाई-फाई उपलब्ध कराने के लिए मंजूरी दे दी थी। भारत में संचालित उड़ानों में यात्रियों को यह सुविधा मिलेगी। विस्तारा के सीईओ लेस्ली थंग ने एवरेट में पहले बोइंग 787-9 विमान की डिलीवरी के मौके पर कहा था कि यह भारत में उड़ान के दौरान वाई-फाई उपलब्ध कराने वाला पहला विमान होगा।
विमानन क्षेत्र में यात्रियों को एक और नई सुविधा देने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है। यानी यात्री फ्लाइट में फेसबुक, ट्विटर जैसी तमाम सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं। उड़ानों के दौरान अगर आपका लैपटॉप, स्मार्टफोन, टैबलेट, स्मार्टवॉच, ई-रीडर या कोई अन्य उपकरण फ्लाइट मोड या एयरप्लेन मोड पर होगा, तो पायलट विमान में सवार यात्रियों को वाई-फाई के जरिए इंटरनेट इस्तेमाल करने की अनुमति दे सकता है।
वहीं पिछले माह टाटा समूह की कंपनी नेल्को और पैनासॉनिक एवियॉनिक्स कॉरपोरेशन ने भारतीय विमानन क्षेत्र में उड़ान के दौरान ब्रॉडबैंड सेवाएं मुहैया कराने के लिए साझेदारी की घोषणा की थी। तब बताया गया था कि विस्तारा एयरलाइंस के साथ इस सेवा की शुरुआत की जाएगी। बता दें कि विस्तारा टाटा समूह और सिंगापुर एयरलाइंस की संयुक्त कंपनी है।