मा ने करीब 20 साल पहले अपने एक दोस्त के साथ मिलकर अलीबाबा की शुरुआत की थी। आज दुनिया भर में इस कंपनी का नाम है। अलीबाबा की सालाना नेटवर्थ 29 लाख करोड़ रुपये है। 2013 में सीईओ पद से इस्तीफा देने के बाद आज भी वह कंपनी का प्रमुख चेहरा हैं। वह पहले ऐसे विदेशी कारोबारी हैं जिनसे डोनाल्ड ट्रंप राष्ट्रपति बनने के बाद मिले थे।
अपनी टीम पर है पूरा भरोसा
जैक मा ने कहा कि मुझे अपनी टीम पर पूरा भरोसा है। यह स्ट्रक्चर मैंने बनाया है, कुछ निवेशकों को भले ही यह पसंद नहीं है। पर मुझे लगता है यह कंपनी को मेरा सबसे बड़ा योगदान है और इसे लंबे समय तक चलाने में कारगर होगा। जैक मा के पास अलीबाबा के साथ ही साथ एंट फाइनेंशियल का भी नियंत्रण है। यह चीन की सबसे बड़ी मोबाइल पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर है। इससे चीन के करीब 87 करोड़ लोग जुड़े हुए हैं।
भारत में भी किया है कई कंपनियों में निवेश
चीन के अलावा अलीबाबा के भारत सहित पूरे विश्व में कई जगह कार्यालय हैं। भारत में इस कंपनी को ज्यादातर लोग यूसी ब्राउजर और यूसी न्यूज के नाम से ज्यादा जानते हैं। आजकल हर स्मार्टफोन में यह होता ही है। इसके अलावा भारत में इसकी ई-कॉमर्स वेबसाइट अलीबाबा.कॉम भी मश्हूर है। कंपनी ने पेटीएम में भी भारी भरकम निवेश कर रखा है। इसके अलावा ऑनलाइन ग्रोसेरी कंपनी बिगबास्केट, जोमाटो आदि में भी निवेश किया है।